अनुसूचित जातियों का कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है - अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 26 अगस्त, भोपाल।
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि अनुसूचित जातियों का कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, ताकि उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन स्तर में प्रभावी सुधार हो सके। मंत्री नागर सिंह नागर ने मंत्रालय में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की गतिविधियों और कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
मंत्री नागर सिंह चौहान ने भिंड, मोरेना, शाजापुर और विदिशा में स्वीकृत बालिका छात्रावासों का निर्माण शीघ्र शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके उसका तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने आगामी बैठक में छात्रावास निर्माण की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान, पहले से निर्माणाधीन और नव स्वीकृत छात्रावासों के निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति और संत रविदास सामुदायिक भवनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर छात्रवृत्ति से संबंधित प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निवारण किया जाए।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बजट आवंटन और व्यय की समीक्षा की गई। मंत्री नागर सिंह नागर ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति प्रवेश योजना, अत्याचार निवारण अधिनियम 1989, प्री और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियां, विदेश अध्ययन छात्रवृत्तियां, कक्षा 1 से 8 तक की छात्रवृत्तियां, दिल्ली छात्रवृत्तियां, परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण और आवास सहायता योजनाओं की समीक्षा की। मंत्री नागर सिंह नागर ने निर्देश दिया कि छात्रवृत्तियों से संबंधित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। शिकायतों को उनके कारणों के अनुसार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाना चाहिए ताकि उनका शीघ्र निवारण सुनिश्चित हो सके।
इसके अलावा, ज्ञानोदय विद्यालयों में इंडोर स्टेडियम का निर्माण, प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के रिक्त पदों को भरना, शैक्षिक और अवसंरचना विकास योजनाएं, स्वरोजगार योजनाएं, आकांक्षा योजनाएं और विभाग द्वारा वितरित विभिन्न पुरस्कार और सम्मान योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव गुलशन बामरा, आयुक्त डॉ. सतेंद्र सिंह और अतिरिक्त आयुक्त संजय वार्ष्णेय सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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