अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधार और नागरिक-केंद्रित डिजिटल गवर्नेंस भारत में सुशासन और विकास की नई यात्रा के प्रमुख घटक— मुख्य सचिव राजस्थान
एन.एस.बाछल, 26 अगस्त, जयपुर।
मुख्य सचिव एवं इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज (आईआईएएस) के अध्यक्ष वी. श्रीनिवास ने इटली के रोम स्थित सैपिएन्जा यूनिवर्सिटी में हो रहे 51वें यूरोपियन ग्रुप फॉर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (ईजीपीए) वार्षिक सम्मेलन में आईआईएएस अध्यक्षीय संबोधन दिया। उन्होंने सम्मेलन की थीम ‘पब्लिक गवर्नेंस फॉर द कॉमन गुड: ह्यूमन इंटेलिजेंस सर्विंग द ग्लोबल कम्युनिटी’ के संदर्भ में अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों, डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण पर भारत का दृष्टिकोण वैश्विक मंच पर रखा।
मुख्य सचिव श्रीनिवास ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में अगली पीढ़ी के सुधार और गवर्नेंस में बदलाव समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मैक्सिमम गवर्नेंस—मिनिमम गवर्नमेंट’ के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में तकनीक के माध्यम से सरकार और नागरिकों के बीच दूरी कम करने, ईज ऑफ लिविंग एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने तथा जन शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, जिन्हें उल्लेखनीय सफलता मिली है। उन्होंने सामाजिक समानता, न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रभावी नीति क्रियान्वयन का आधार बताया।
मुख्य सचिव ने राजस्थान में किए जा रहे अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों को वैश्विक मंच पर रेखांकित करते हुए कहा कि ‘विकसित राजस्थान@2047’ विजन में नागरिक-केंद्रित शासन, समग्र विकास और आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने राजस्थान संपर्क प्लेटफॉर्म के माध्यम से जन शिकायतों के निस्तारण, राज-काज एनालिटिक्स के जरिए विभागीय प्रदर्शन की समीक्षा तथा मिशन राजीविका के माध्यम से महिला सशक्तीकरण के प्रयासों का उल्लेख किया। साथ ही, उन्होंने राज उन्नति के माध्यम से प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं की प्रभावी समीक्षा को भी रेखांकित किया।
मुख्य सचिव श्रीनिवास ने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एंड-टू-एंड डिजिटाइजेशन, आधार आधारित लाभार्थी सेवाएं, सिंगल विंडो सेवाएं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस गवर्नेंस के स्वरूप को तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने आईआईएएस और ईजीपीए के भविष्य के लिए सीमाओं से परे सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सस्टेनेबिलिटी तथा युवा शोधकर्ताओं और प्रैक्टिशनर्स की अधिक भागीदारी पर बल दिया।
51वें ईजीपीए वार्षिक सम्मेलन को 70 से अधिक देशों से 900 से अधिक शोध प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सम्मेलन के दौरान श्रीनिवास ईजीपीए स्टीयरिंग कमेटी और परमानेंट स्टडी ग्रुप्स को भी संबोधित करेंगे तथा ट्रांसअटलांटिक डायलॉग और मेडिटेरेनियन डायलॉग में भाग लेंगे। वे 29 अगस्त को आईआईएएस की काउंसिल ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के सदस्यों के साथ वेटिकन सिटी में पोप से शिष्टाचार भेंट भी करेंगे।
उल्लेखनीय है कि जून 2025 में वी. श्रीनिवास आईआईएएस के अध्यक्ष निर्वाचित होने वाले पहले भारतीय बने। यह लगातार दूसरा अवसर है जब उन्होंने ईजीपीए वार्षिक सम्मेलन में अध्यक्षीय संबोधन दिया है। इससे पूर्व अगस्त 2025 में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो, स्कॉटलैंड में आयोजित ईजीपीए के 50वें वर्षगांठ सम्मेलन में अध्यक्षीय संबोधन दिया था।
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