मैपकास्ट के "सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग" में विज्ञान आधारित कार्यशालाओं का आयोजन किया गया: मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 26 मई, भोपाल।

मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के अंतर्गत संचालित "रचनात्मक शिक्षा केंद्र" में "आभासी विज्ञान मनोरंजन शिविर" और "ध्वनि विज्ञान" पर कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, रचनात्मक सोच और तकनीकी समझ विकसित करना था। विभिन्न विद्यालयों के 34 छात्रों ने कार्यशालाओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और आधुनिक डिजिटल उपकरणों, प्रायोगिक गतिविधियों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित व्यावहारिक वैज्ञानिक अवधारणाओं के बारे में सीखा। मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रवि भारद्वाज, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण दिगारा, संयुक्त परियोजना निदेशक मनोज राठौर और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. समीर ने भाग लेने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र प्रदान किए।

मैपकास्ट के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विकास शेंदे, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अजय चौधरी और वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी श्री भूपेश सक्सेना ने छात्रों से बातचीत करते हुए विज्ञान शिक्षा में प्रायोगिक अधिगम, जिज्ञासा और रचनात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रों को ऑनलाइन वैज्ञानिक उपकरणों और डिजिटल प्रयोगशाला उपकरणों के उपयोग से परिचित कराया गया। छात्रों ने वर्चुअल माइक्रोस्कोप, स्कैनिंग इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप, ओरिगामी और विभिन्न डिजिटल प्रयोगशाला उपकरणों के वैज्ञानिक उपयोग और महत्व को समझा।

कार्यशाला में, रोचक गतिविधियों और व्यावहारिक प्रयोगों के माध्यम से छात्रों को मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली के बारे में बताया गया। मस्तिष्क संबंधी गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और उसकी सुरक्षा के लिए हेलमेट के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, "ध्वनि का विज्ञान" कार्यशाला में छात्रों को ध्वनिकी से संबंधित वैज्ञानिक सिद्धांतों और व्यावहारिक प्रयोगों से परिचित कराया गया।

प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों ने आवृत्ति, तरंगदैर्घ्य, आयाम और विभिन्न प्रकार की तरंगों के वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझा। ध्वनि उत्पादन और संचरण की प्रक्रिया को जानने के लिए उन्होंने माउथ ऑर्गन किट और विभिन्न प्रकार के ध्वनि किट तैयार किए। उन्हें निर्वात में ध्वनि के संचरण न होने के वैज्ञानिक कारणों की भी जानकारी दी गई। छात्रों ने विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों द्वारा उत्पन्न ध्वनियों के अंतर और विशेषताओं को भी समझा।

कार्यशालाओं में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने छात्रों को विज्ञान को व्यावहारिक तरीके से समझने और इसे दैनिक जीवन में लागू करने के लिए प्रेरित किया।

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