24/09/26

राज्यपाल ने सेना के लिए स्वदेशी ड्रोन तकनीक विकसित करने के लिए सर्वेश शर्मा को किया सम्मानित : हिमाचल प्रदेश

एन.एस.बाछल, 24 सितम्बर, शिमला।

युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार प्रदाता बनने और प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान देने का किया आह्वान

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने हमीरपुर के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के छात्र सर्वेश शर्मा को भारतीय सेना के लिए स्वदेशी ‘रुद्र एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)’ ड्रोन विकसित करने के लिए रक्षा मंत्रालय से 3.5 करोड़ रुपये की अनुदान राशि प्राप्त करने पर सम्मानित किया।
राज्यपाल ने सर्वेश शर्मा की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उनकी यह पहल हिमाचल प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार की भावना और तकनीकी क्षमता का परिचायक है। उन्होंने स्वदेशी रक्षा तकनीक के विकास में योगदान देने के लिए सर्वेश शर्मा के समर्पण, दूरदर्शिता और दृढ़ता की प्रशंसा की।
राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार की उपलब्धियां आत्मनिर्भर भारत की भावना को साकार करती हैं तथा रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के विकास के देश के प्रयासों को गति देती हैं।
कविन्द्र गुप्ता ने सर्वेश शर्मा से संवाद के दौरान ड्रोन की प्रमुख विशेषताओं, इसके विकास के दौरान सामने आई चुनौतियों तथा इस परियोजना को शुरू करने की प्रेरणा के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्वदेशी ड्रोन तकनीक को और अत्याधुनिक बनाने की भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की।
राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं का आह्वान किया कि वे सर्वेश शर्मा की उपलब्धि से प्रेरणा लेकर नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल रोजगार पाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रोजगार प्रदाता बनने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के परिकल्पना को साकार करने में अपना योगदान देना चाहिए।
राज्यपाल ने सर्वेश शर्मा की भविष्य की योजनाओं की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर उपायुक्त हमीरपुर गंधर्वा राठौर तथा पुलिस अधीक्षक बलबीर सिंह भी उपस्थित थे।

#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal

Previous

आज 24 सितंबर का इतिहास

Next

बस की स्टीयरिंग उन्नत तकनीक से प्रशिक्षित बस चालकों के हाथों में होगी : मध्यप्रदेश