बस की स्टीयरिंग उन्नत तकनीक से प्रशिक्षित बस चालकों के हाथों में होगी : मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 24 सितम्बर, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 25 सितंबर को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सार्वजनिक यात्री बसों के संचालन का उद्घाटन करेंगे
परिवहन विभाग ने ,मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत शुरू होने वाली इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों की तकनीक ,
पैनिक बटन और जीपीएस के साथ बेहतर सुरक्षा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में यात्रियों और बसों की सुरक्षा की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। बसों में पैनिक बटन और जीपीएस सुविधा होगी। जीपीएस के जरिए बसों की लाइव लोकेशन देखी जा सकेगी। आपातकालीन स्थिति में पैनिक बटन यात्रियों की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन साबित होगा।
अंतर-शहरी और अंतर्शहरी बसों का संचालन
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत इस क्षेत्र में अंतर-शहरी और शहर के भीतर चलने वाली बसें शुरू की जाएंगी। इससे शहरों के भीतर सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं में वृद्धि होगी और शहरों के बीच आवागमन सुगम होगा। इस सेवा का उद्देश्य क्षेत्र के निवासियों को सुविधाजनक , अंतर-शहरी बसें दो या दो से अधिक शहरों को जोड़ेंगी , जबकि शहर के भीतर चलने वाली बसें शहरों के भीतर ही चलेंगी।
बसों की संख्या में साल-दर-साल वृद्धि , 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य।
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का विस्तार करते हुए अगले पांच वर्षों में बसों की संख्या बढ़ाकर 15 हजार करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए परिवहन विभाग द्वारा चरणबद्ध कार्य योजना भी तैयार की गई है। इसके अनुसार, प्रति वर्ष 2500 से 3000 नई बसें जोड़ी जाएंगी। सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में यात्रियों के लिए परिवहन के अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा , नए ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र जल्द ही तैयार हो जाएंगे।
इस क्षेत्र के वाहन चालकों को आधुनिक बसों के सुरक्षित संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंदौर और छिंदवाड़ा में ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थान और अनुसंधान केंद्र स्थापित किए गए हैं , जहां चालकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में जल्द ही 5 क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र भी तैयार किए जाएंगे। ये केंद्र भोपाल, बैतुल, छतरपुर, उज्जैन और ग्वालियर में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, जिला स्तर पर भी जल्द ही 22 ड्राइवर प्रशिक्षण केंद्र तैयार किए जाएंगे। इन प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से चालकों को आधुनिक तकनीक , सुरक्षा मानकों और इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों के संचालन का आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा ।
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