उद्योगों की बिजली संबंधी समस्याओं पर एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी से सीधा संवाद : मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 24 सितम्बर, भोपाल।
मध्य प्रदेश विद्युत प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) ने भोपाल स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय में औद्योगिक संगठनों और संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ एक सम्मेलन का आयोजन किया। इसका उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्ताव दाखिल करने से पहले उद्योग की विद्युत संबंधी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझना था। सम्मेलन की अध्यक्षता एमपीपीएमसीएल के प्रबंध निदेशक विशेष गढ़पाले ने की।
औद्योगिक प्रतिनिधियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, मौजूदा कंडक्टरों को कवर्ड कंडक्टरों से बदलने, उच्च ऊर्जा और मांग शुल्क, बिजली चोरी और एटी एंड सी नुकसान में कमी, न्यूनतम शुल्कों को समाप्त करने, लोड फैक्टर आधारित ऊर्जा टैरिफ प्रणाली और एचटी श्रेणी में आधारित बिलिंग सहित विभिन्न विषयों पर सुझाव और अपेक्षाएं रखीं।
सम्मेलन में आगामी औद्योगिक पार्कों के विकास पर भी चर्चा हुई। औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने और बिजली व्यवधानों तथा तकनीकी हानियों को कम करने के लिए भूमिगत बिजली केबल बिछाने पर विशेष जोर दिया गया।
एमपीपीएमसीएल के राजस्व प्रबंधन विभाग के मुख्य महाप्रबंधक शैलेंद्र सक्सेना ने एक प्रस्तुति के माध्यम से उद्योगों से संबंधित विभिन्न टैरिफ और बिजली विषयों पर जानकारी दी। इसी दौरान, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों ने विभिन्न श्रेणियों के उद्योगों के लिए उपलब्ध प्रोत्साहनों, रियायतों और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की।
औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एआरआर प्रस्ताव दाखिल करने से पहले उद्योग जगत के साथ सीधे संवाद की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे बिजली क्षेत्र के अधिकारियों के समक्ष उद्योगों से संबंधित बिजली और टैरिफ संबंधी मुद्दों को सीधे उठाने का अवसर मिला।
एमपीपीएमसीएल के प्रबंध निदेशक गधपाले ने औद्योगिक प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों और सुझावों को सुना और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके व्यावहारिक समाधान की दिशा में काम करने पर जोर दिया। सम्मेलन में उद्योग और विद्युत क्षेत्र के अधिकारियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा और सुझावों का आदान-प्रदान हुआ। भविष्य में भी उद्योगों से संबंधित विद्युत मामलों पर निरंतर संचार और समन्वय बनाए रखने पर बल दिया गया।
इस सम्मेलन में क्षेत्र के विभिन्न औद्योगिक संगठनों के लगभग 25 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें ऑल इंडिया स्टील मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, ऑल इंडिया इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ एम.पी. चैंबर ऑफ कॉमर्स, गोविंदपुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज देवास, मध्य प्रदेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन, रतलाम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज, मध्य प्रदेश लघु उद्योग संगठन के प्रतिनिधि, लघु उद्योग भारती, महाकौशल उद्योग संघ और विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स, सतना और अन्य संगठन शामिल थे। मध्य प्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों, मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम और मुख्य विद्युत निरीक्षक एवं विद्युत सुरक्षा कार्यालय के अधिकारी भी सम्मेलन में उपस्थित थे।
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