सौर ऊर्जा के अधिक उपयोग को प्रोत्साहित करें: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 23 मई, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में ऊर्जा उत्पादन के पारंपरिक स्रोतों का उपयोग करते हुए सौर ऊर्जा के उपयोग को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए। किसानों के लिए सौर पंपों की उपलब्धता और गांवों से लेकर शहरों तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सौर उपकरणों की उपलब्धता और उपयोग को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऊर्जा मंत्रालय में एक बैठक में ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

नवाचारों की सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऊर्जा विभाग द्वारा किए गए प्रमुख नवाचारों की सराहना की। बैठक में बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में क्षेत्र में ड्रोन आधारित गश्त का नवाचार सफल रहा है। इसके परिणामस्वरूप बिजली लाइन ट्रिपिंग में 35 प्रतिशत की कमी आई है और 220 केवी के लगभग 10 हजार टावरों की शीर्ष गश्त की जा रही है। इसी प्रकार, वर्तमान में 400 और 132 केवी के 23 हजार टावरों की शीर्ष गश्त ड्रोन द्वारा की जा रही है। भोपाल, जबलपुर, इंदौर और दमोह में इन्सुलेटेड वर्क प्लेटफॉर्म का नवाचार किया गया है। इससे लाइनमैन द्वारा चालू लाइन में वियर हैंड तकनीक और हॉट लाइन स्टिक तकनीक का उपयोग करना संभव हो गया है। पिछले वर्ष चालू लाइन में 257 ऑपरेशन किए गए। परिचालन कर्मियों और प्रशिक्षु इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए एक ऑपरेशनल सिम्युलेटर स्थापित किया जा रहा है।

19 हजार 895 मेगावाट बिजली की सफल आपूर्ति

बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश विद्युत उत्पादन कंपनी ने बिजली संयंत्रों के माध्यम से लगातार बिजली उत्पादन किया है, जो इसके विश्वसनीय संचालन का प्रमाण है। 14 जनवरी को 19 हजार 895 मेगावाट की सफल आपूर्ति इतिहास में सबसे अधिक है। पारेषण कंपनियों का नुकसान भी 2.60 प्रतिशत है। इसी प्रकार, पारेषण उपलब्धता प्रतिशत 99.52 है।

समाधान योजना 2025-26

साधन योजना 2025-26 के तहत उपभोक्ताओं को विलंबित बिलों के भुगतान पर लगने वाले अधिभार में छूट का लाभ दिया गया है। कुल 1,970 करोड़ रुपये की देनदारियां माफ की गईं। उपभोक्ताओं को 473 करोड़ रुपये का अधिभार माफ किया गया। स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी है। तीनों बिजली वितरण कंपनियों द्वारा 40 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। क्षेत्र के सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड मीटरिंग के तहत 47 हजार से अधिक मीटर प्रीपेड मोड पर चल रहे हैं। इस कार्य में 139 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल की गई है।

इस क्षेत्र की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में वृद्धि हुई है।

मार्च 2024 में इस क्षेत्र की कुल विद्युत क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा का प्रतिशत 25 था, जो मार्च 2026 में बढ़कर 33 हो गया। दो साल पहले, नवीकरणीय स्रोतों से 5,690 मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा था, जो अब बढ़कर 8,608 मेगावाट हो गया है। इस उपलब्धि में सौर ऊर्जा का योगदान सबसे अधिक रहा, जो 5,376 मेगावाट है। इसके अलावा, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से 3,232 मेगावाट ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।

बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय और ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने कहा कि विभाग ने मंत्रिपरिषद के निर्णयों के कार्यान्वयन, राजस्व वृद्धि और घोषणाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी है। विद्युत अवसंरचना के विकास के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय के कारण जबलपुर आइलैंडिंग योजना के कार्यान्वयन के लिए 5.08 करोड़ रुपये का केंद्रीय अनुदान स्वीकृत किया गया है। राज्य लोड डिस्पैच सेंटर की साइबर सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए 13.61 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। केंद्र सरकार के विद्युत प्रणाली विकास कोष से प्राप्त अनुदान से क्षेत्र में 10 हजार 752 किलोमीटर लाइन में ओपीजीडब्ल्यू (ऑप्टिकल ग्राउंड वायर) की सफल स्थापना संभव हुई। इसके लिए केंद्र सरकार से 146 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। धरती आबा आदिवासी ग्राम उत्कृष्टता मिशन के तहत क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के 63 हजार से अधिक नागरिकों को घर-घर विद्युतीकरण का लाभ दिया गया है। प्रधानमंत्री जन जाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जन-मान) के तहत, इस क्षेत्र में बैगा, सहरिया और भारिया जैसी विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के 28 हजार से अधिक परिवारों को लाभ पहुँचाया गया है। कृषि फीडर पृथक्करण की 374 फीडरों और एचटी लाइनों में क्षमता वृद्धि के तहत लगभग 18 हजार कार्य पूरे किए गए हैं।

ऊर्जा विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश शामिल थे।

  • सौर ऊर्जा के उपयोग को हर स्तर पर बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

  • मैजरॉन के सभी घरों से टोल वसूलने तक सभी कार्य पूरे करें।

  • बिजली बिल और नकद वसूली में वृद्धि हुई है, इसे जारी रखें।

  • ऊर्जा विभाग में 2500 करोड़ रुपये का घाटा कम किया गया है। प्रयास जारी रखें।

  • जबलपुर में 'वन नेशन वन ग्रिड' के अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।

  • बिजली बचाने के उपायों का निरंतर कार्यान्वयन।

  • इस क्षेत्र की पिछड़ी जनजातियों, विशेष रूप से बैगा, सहरिया, भारिया के घरों में विद्युतीकरण की उपलब्धि महत्वपूर्ण है। इससे इन सभी वर्गों को लाभ होगा।

  • भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां करें।

  • मध्य प्रदेश विद्युत जनरेशन कंपनी लाभ में है। कंपनी के अधिकारियों को इसके लिए बधाई।

    बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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