18/07/26

ब्लैक स्पॉट सुधार, हेल्पलाइन एकीकरण, ट्रॉमा सुविधाओं एवं जनजागरूकता पर विशेष जोर, सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें : मुख्य सचिव राजस्थान

एन.एस.बाछल, 18 जुलाई, जयपुर।

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों एवं अन्य सड़कों पर सड़क सुरक्षा की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उक्त विषय पर गत दिनों आयोजित तीन बैठकों में दिए गए निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने हेतु आयोजित इस फॉलोअप बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा पूर्व में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे पर घटित सड़क दुर्घटनाओं की ऑडिट रिपोर्ट सहित सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए किए गए उपायों का विस्तृत पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण दिया। साथ ही प्रदेश के परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा से संबंधित पीपीटी के माध्यम से प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु चलाए गए सघन अभियान एवं नवाचारों की सविस्तार जानकारी दी गईं। इस दौरान बताया गया कि 8 से 28 जुलाई तक सड़क सुरक्षा हेतु चले सघन अभियान के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा वाहनों में विभिन्न अनियमिताओं के लिए 17850 चालान किए गए हैं, साथ ही 487 वाहनों को जब्त किया गया है एवं 22 वाहनों के पंजीकरण प्रमाण पत्र निलंबित किए गए। इस महीने  2 से 14 जुलाई तक पुलिस विभाग द्वारा की गई कार्रवाई के तहत विभिन्न अनियमिताओं के लिए 2 लाख 71 हज़ार 494 वाहनों के चालान किए गए।

 ब्लैक स्पॉट सुधार, हेल्पलाइन एकीकरण एवं हाईवे सुरक्षा पर दिए निर्देश 

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनएचएआई की एम्बुलेंस हेल्पलाइन 1033, राज्य सरकार की आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा 108 तथा पुलिस हेल्पलाइन 112 के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए ताकि दुर्घटना की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनका शीघ्र सुधार करने, एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का निर्बाध एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने, हाईवे की सुरक्षा की नियमित मॉनिटरिंग कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने तथा मार्ग किनारे विकसित वे-साइड एमेनिटीज़ पर चिकित्सा एवं ट्रॉमा सुविधाओं के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 जागरूकता, समन्वय एवं प्रवर्तन पर विशेष बल —

मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित विभाग सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएं। उन्होंने जिला प्रशासन एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों के बीच निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए तथा प्रत्येक जिले में नियमित रूप से सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने अन्य राज्यों के पंजीकरण वाले वाहनों से जुड़े अनियमित एवं धोखाधड़ीपूर्ण मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही राजमार्गों पर स्थापित संकेतकों, गति सीमा बोर्डों एवं ऑब्जेक्ट हैज़र्ड मार्किंग को मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने, राजमार्गों के किनारे किए गए अतिक्रमण हटाने तथा हाईवे से संबंधित उपकरणों एवं परिसंपत्तियों की चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए उपलब्ध निधियों का सभी जिलों द्वारा पूर्ण एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

दुर्घटनाएं रोकने के लिए प्रभावी मॉनिटरिंग आवश्यक : प्रवीण गुप्ता 

अतिरिक्त मुख्य सचिव, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) श्री प्रवीण गुप्ता ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एनएचएआई द्वारा आवश्यक समझे जाने वाले कार्यों में  हर संभव प्रशासनिक एवं वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। 

प्रमुख शासन सचिव, परिवहन विभाग एवं अध्यक्ष, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (आरएसआरटीसी) भवानी सिंह देथा ने कहा कि सड़क सुरक्षा से संबंधित सभी सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सभी हितधारकों से व्यापक परामर्श तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन करने पर बल दिया। बैठक में पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु चलाए गए सघन अभियानों की जानकारी दी गई जिसके तहत वाहनों की जब्ती, चालान सहित विभिन्न कारवाइयों के बारे में बताया गया।

एनएचएआई ने प्रस्तुत किए सड़क सुरक्षा सुधारों के उपाय —

बैठक में एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए किए जा रहे विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने सड़क अभियांत्रिकी सुधार, ब्लैक स्पॉट उपचार, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तथा अन्य सुरक्षा उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए तथा राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए समन्वित कार्यवाही पर सहमति व्यक्त की।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग भास्कर ए. सावंत, अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन (यूडीएच) विभाग के आलोक गुप्ता, महानिदेशक (यातायात) श्रीमती मालिनी अग्रवाल, सचिव, स्वायत्त शासन विभाग रवि जैन, सचिव, श्रम विभाग पूर्णा चंद्र किशन सहित सभी संबंधित विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश के सभी जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े।

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