पारंपरिक शिल्प केवल उत्पाद नहीं हैं, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित ज्ञान, कौशल और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 14 अगस्त, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार के तहत सर्वश्रेष्ठ मूर्तिकार का पुरस्कार पाने वाले चयनित मूर्तिकारों को प्रदान किया। मूर्तिकारों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ये पुरस्कार उन कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का एक माध्यम हैं जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक शिल्प केवल उत्पाद नहीं हैं, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी हस्तांतरित ज्ञान, कौशल और सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक हैं। इस प्रकार, कलाकारों को सम्मानित और प्रोत्साहित करना उनकी कला को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का एक साधन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुनकरों और कारीगरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा रहा है।
मध्य प्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प और हथकरघा परंपरा को संरक्षित करने और कारीगरों के कौशल को नई पहचान दिलाने के लिए, राज्य सरकार सम्मान, प्रोत्साहन और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। कारीगरों के पारंपरिक उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, साथ ही उन्हें पुरस्कार और प्रोत्साहन भी दिए जा रहे हैं।
इन मूर्तिकारों को मेरा सम्मान।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2022-23 के लिए गोदना (ब्लॉक) सौंसर साड़ी के लिए रोहित रूसिया को एक लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार, भगवान महाकाल की बाटिक कलाकृति के लिए मोहम्मद को पुरस्कार प्रदान किया। रफीक चिप्पा को 50 हजार रुपये का द्वितीय पुरस्कार और श्री सतीश विश्वकर्मा को पत्थर की मूर्ति 'गौतम बुद्ध' के लिए 25 हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार दिया गया। दीपा अहिरवार, तनसिंह और हरीश धवन को 15 हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर कुटीर एवं ग्राम उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित थे।
डिजिटल वाणिज्य के माध्यम से वैश्विक बाजार तक पहुंचना
'ओडीओपी मार्ट' और 'मृगनयनी' वेब पोर्टल जैसी पहलों के माध्यम से कारीगरों को आधुनिक बाजारों और डिजिटल वाणिज्य से जोड़ा गया
डिजिटल मीडिया उन कलाकारों के लिए नए अवसर खोल सकता है जिनकी कला, उत्कृष्टता के बावजूद, बाजार तक सीमित पहुंच रखती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के अवसरों को बढ़ाएंगे।
कौशल संरक्षण के साथ आत्मनिर्भरता पर जोर
कारीगरों के कौशल को सम्मान देने और उनका विपणन करने की यह पहल न केवल पारंपरिक कलाओं की रक्षा के लिए है, बल्कि कारीगरों की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए भी है। बेहतर बाजार, डिजिटल पहुंच और प्रोत्साहन कारीगरों को अपने कौशल को आजीविका के अधिक सशक्त साधन में बदलने में सक्षम बनाएंगे।
प्रत्येक जिला कौशल एक मंच है
एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के माध्यम से मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों और स्थानीय कौशल की पहचान और विपणन के प्रयास किए जा रहे हैं। क्षेत्र के विभिन्न जिलों के उत्पादों को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करके स्थानीय कारीगरों और निर्माताओं को नए बाजारों से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है।
स्थानीय हस्तशिल्प को ई-कॉमर्स से जोड़ने से कारीगरों की आजीविका को मजबूत करने और उनके उत्पादों की मांग बढ़ाने के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और साथ ही पारंपरिक कलाओं का संरक्षण भी होगा।
ये प्रयास मध्य प्रदेश की हस्तशिल्प और हथकरघा परंपराओं में छिपी विविधता और रचनात्मकता को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को इन कलाओं का ज्ञान प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। कारीगरों के कौशल को सम्मान, प्रोत्साहन और बाजार प्रदान करके इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कुटीर एवं ग्राम उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल के निर्देशन में आयोजित राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह में मध्य प्रदेश खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी और उपाध्यक्ष राकेश जादौन, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, थीसिस निदेशक/हस्तशिल्प एवं हथकरघा आयुक्त मदन विभीषण नागर गोजे और रेशम आयुक्त मोहित बुंदास भी उपस्थित थे। नोडल अधिकारी उमेश श्रीवास्तव, सहायक निदेशक रूपाली सक्सेना और हस्तशिल्प प्रबंधक यश श्रवण, ईशम मौर्य, रंजना निनावे, योगेंद्र जोनवार और कुंदनलाल नागर ने आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संत रविदास हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने में गोविंदास अग्रे, मदन जोशी, शिवेंद्र सिंह और डिजाइनर अंकिता चंद्रवंशी गुप्ता का विशेष योगदान रहा।
#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Madhya Pardesh
Previous
राष्ट्रीयता का सजग प्रहरी है पांचजन्य,अपने सपनों को पंख दें युवा,राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ- मुख्यमंत्री राजस्थान
Next