जल संग्रहण विकास कार्यों में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करें: ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 14 जुलाई, भोपाल।

मध्य प्रदेश जल संग्रहण क्षेत्र प्रबंधन मिशन की समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जल संग्रहण (जलसंभर) विकास कार्यों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उपलब्ध प्रौद्योगिकियों और संसाधनों का उपयोग अन्य विकास कार्यों में भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप जल संग्रहण क्षेत्र (डीपीएपी) विकास खंडों की अवधारणा का पुनर्मूल्यांकन किया जाना चाहिए और जल संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के समग्र प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और भू-स्थानिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के उपयोग के लिए अलग-अलग प्रणालियाँ विकसित करने का निर्देश दिया। साथ ही, भूजल पुनर्भरण के लिए "कर्मभूमि से मातृभूमि" अभियान की अवधारणा पर काम कर रहे वैज्ञानिक संस्थानों के सहयोग से एक प्रभावी कार्य योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुराने जल स्रोतों और जल निकायों को पुनर्जीवित करने के लिए जल संग्रहण परियोजनाओं का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। बैठक में एमपीएसईडीसी के सहयोग से तैयार किए गए जल संग्रहण एटलस के बारे में भी जानकारी दी गई।

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