ग्वालियर की 7 ट्रांसमिशन लाइनों ने रिकॉर्ड बनाया, बिजली परेशानी चार साल से बिना किसी रुकावट के चल रही है
एन.एस.बाछल, 14 जुलाई, भोपाल।
विद्युत मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश विद्युत पारेषण कंपनी (एमपी ट्रांसको) के ग्वालियर क्षेत्र की 7 महत्वपूर्ण अतिरिक्त उच्च वोल्टेज (ईएचवी) पारेषण लाइनों ने पिछले चार वर्षों (लगभग 1500 दिनों) में बिना किसी रुकावट के निर्बाध विद्युत संचरण का उल्लेखनीय रिकॉर्ड बनाया है। ये लाइनें तूफान, भारी बारिश, बिजली गिरने और अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियों जैसी प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद लगातार और विश्वसनीय रूप से काम कर रही हैं।
विद्युत मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने कहा कि मध्य प्रदेश ट्रांसको की ग्वालियर स्थित सात विद्युत संचरण लाइनों सहित पूरे क्षेत्र में फैली 593 ईएचवी (इलेक्ट्रिक हाई वी) संचरण लाइनें चार वर्षों से बिना किसी खराबी के सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, जो विद्युत संचरण प्रणाली की मजबूती और विश्वसनीयता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के इंजीनियरों, तकनीकी कर्मचारियों और रखरखाव कार्य में लगे आउटसोर्स कर्मियों की प्रतिबद्धता, सतर्कता और समर्पण का परिणाम है।
ग्वालियर की ये 7 पंक्तियाँ सफलता के उदाहरण हैं।
ग्वालियर क्षेत्र की ट्रांसमिशन लाइनों ने यह उपलब्धि हासिल की है, जिनमें 1981 में निर्मित 132 केवी महलगांव - मोतीज़ील लाइन, 1985 में निर्मित 132 केवी महलगांव - रेलवे ट्रैक्सन लाइन, 1986 से सक्रिय 132 केवी मोतीज़ील - बामोर लाइन, 132 केवी महलगांव - ग्वालियर द्वितीय (सीथौली) लाइन, 132 केवी ग्वालियर द्वितीय (सीथौली) - चिनोर लाइन और 132 केवी ग्वालियर द्वितीय (सीथौली) - हस्तिनापुर लाइन शामिल हैं।
आधुनिक तकनीक और निरंतर निगरानी सफलता का आधार हैं।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के पारेषण नेटवर्क को अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। थर्मो-विज़न निरीक्षण, ड्रोन निगरानी, SCADA आधारित वास्तविक समय निगरानी, ऑनलाइन स्थिति निगरानी और निर्धारित निवारक रखरखाव जैसी प्रणालियों ने पारेषण लाइनों की विश्वसनीयता में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
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