मध्य प्रदेश का पर्यटन सितारों की छाया में रहेगा
एन.एस.बाछल, 11 सितम्बर, भोपाल।
मध्य प्रदेश में पर्यटन के नए आयामों को विकसित करने के साथ-साथ खगोल पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा जनजातीय पर्यटन परियोजना के अंतर्गत 'खगोल ग्राम विकास परियोजना' का कार्यान्वयन मई 2026 से शुरू किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के प्राकृतिक रूप से अंधकारमय (अंधेरे आकाश) क्षेत्रों को एक नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना और पर्यटकों को तारों, ग्रहों और आकाशगंगाओं को देखने का अनूठा अनुभव प्रदान करना है।
छह जिलों के चयनित गांवों में विकास कार्य शुरू हो गया है।
परियोजना के पहले चरण में धार, छिंदवाड़ा, बैतुल, नर्मदापुरम, दमोह और उमरिया जिलों से एक-एक गांव का चयन किया गया है। इन गांवों को खगोलीय पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने का कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। धार जिले के ज्ञानपुरा, छिंदवाड़ा के धुसावनी, बैतुल के बंचा, नर्मदापुरम के ढाबा, दमोह के रिच्छकुड़ी और उमरिया जिले के रंच्छा गांव में खगोलीय पर्यटन से संबंधित सुविधाएं और अवसंरचना विकसित की जा रही हैं।
पर्यटक जल्द ही एस्ट्रो विलेज पर्यटन का आनंद ले सकेंगे।
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के निदेशक डॉ. इलैयाराजा टी. ने बताया कि मध्य प्रदेश में एस्ट्रो विलेज को पर्यटन, विज्ञान और प्रकृति के अनूठे संगम के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रकाश प्रदूषण से दूर स्थित इन क्षेत्रों में पर्यटक स्वच्छ रात्रि आकाश में तारों, ग्रहों और आकाशगंगाओं का अवलोकन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल से एस्ट्रो-पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय समुदायों के लिए पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। पर्यटन गतिविधियों में प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करके स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से इस परियोजना से जोड़ा जाएगा।
एस्ट्रो विलेज को आधुनिक उपकरणों और सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा।
चुनिंदा गांवों में आधुनिक अवसंरचना विकसित की जा रही है ताकि पर्यटक तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय पिंडों को सुरक्षित, स्पष्ट और उत्कृष्ट तरीके से देख सकें। इसके अंतर्गत आधुनिक दूरबीनें, बाइनोकुलर और खगोल-फोटोग्राफी कैमरे उपलब्ध कराए जाएंगे। पर्यटकों के लिए तारा अवलोकन मंच और अवलोकन क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही, खगोलीय घटनाओं और अंतरिक्ष से संबंधित जानकारी को सरल और रोचक तरीके से समझाने के लिए एक व्याख्या केंद्र भी बनाया जाएगा। ये सुविधाएं पर्यटकों को रात्रि आकाश का अवलोकन करने और खगोलीय घटनाओं को समझने का अवसर प्रदान करेंगी।
स्थानीय युवा 'एस्ट्रो गाइड' बनेंगे।
एस्ट्रो विलेज परियोजना का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए चयनित गांवों के स्थानीय युवाओं को 90 दिनों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद, उन्हें कुशल 'एस्ट्रो गाइड' के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। एस्ट्रो गाइड पर्यटकों को तारों को निहारने जैसी गतिविधियों में मार्गदर्शन करेंगे और साथ ही रात्रि आकाश, तारामंडलों और विभिन्न खगोलीय घटनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और पर्यटन से उत्पन्न आर्थिक गतिविधियों में स्थानीय निवासियों की भागीदारी बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश भारत के प्रमुख खगोल-पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा।
एस्ट्रो विलेज परियोजना इस क्षेत्र में तारामंडल दर्शन और एस्ट्रो टूरिज्म जैसी विशिष्ट पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्राकृतिक रूप से अंधकारमय क्षेत्रों को पर्यटन से जोड़कर मध्य प्रदेश में पर्यटन का एक नया क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना मध्य प्रदेश को भारत के अग्रणी एस्ट्रो-टूरिज्म स्थलों में से एक के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और साथ ही देश-विदेश के पर्यटकों को रात्रि आकाश अवलोकन का अनूठा अनुभव प्रदान करेगी।
#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Madhya Pardesh
Previous
इस क्षेत्र की मिनी ब्राजील, विचारपुर की बेटियों द्वारा रचा गया एक इतिहास है : मध्यप्रदेश
Next