08/08/26

राज्यपाल राजस्थान ने 'टीबी मुक्त सलूंबर' बनाने, प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने और जनजातीय युवाओं को आगे बढ़ाने के दिए निर्देश

एन.एस.बाछल, 08 अगस्त, जयपुर।

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सलूंबर कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने नशामुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय क्षय (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम, शिक्षा, जनजातीय विकास सहित विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों तथा आमजन को मिलकर कार्य करना होगा।

बैठक में राज्यपाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित नशामुक्त भारत अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए। इसकी शुरुआत सरकारी विभागों से हो। सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं नशे से दूर रहकर समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत करें। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित रूप से रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं नैतिक गतिविधियां आयोजित की जाएं ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो तथा उनमें सकारात्मक जीवन मूल्यों का विकास हो सके।

राज्यपाल ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें नशे की लत से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नशामुक्ति अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा इसमें नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर नशामुक्ति अभियान के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। उन्होंने नशे की गिरफ्त में आए लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा विशेष रूप से ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में अभियान का प्रभावी प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।

राष्ट्रीय क्षय (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने अधिकारियों को "टीबी मुक्त सलूंबर" के लक्ष्य के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार प्रारंभ किया जाए। ग्राम पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाए जाएं तथा डोर-टू-डोर सर्वे एवं स्क्रीनिंग को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को निःशुल्क दवाइयों के साथ निक्षय मित्र योजना के माध्यम से नियमित पोषण किट भी उपलब्ध कराई जाए ताकि उनका उपचार सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके।

शिक्षा सुविधाओं की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक शिक्षा होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यालयों में केवल परीक्षा परिणामों पर नहीं बल्कि विद्यार्थियों की बुनियादी समझ, बौद्धिक क्षमता और नैतिक मूल्यों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति तथा विद्यालयों में रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया।

राज्यपाल ने जनजातीय क्षेत्र के विकास की समीक्षा करते हुए जनजातीय क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्रम छात्रावासों, बालिका छात्रावासों एवं जनजातीय विद्यार्थियों की शिक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही शिक्षकों के प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाकर विद्यार्थियों को नई तकनीक एवं आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जाएं।

इस दौरान राज्यपाल ने कलेक्ट्रेट परिसर में हरसिंगार (पारिजात) का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग, स्वास्थ विभाग, राजीविका की प्रदर्शनी का निरीक्षण भी किया।

#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Rajasthan

Previous

प्रतापगढ़ पुलिस की ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई, कुख्यात हिस्ट्रीशीटर के अवैध फार्म हाउस पर चला बुलडोजर,हिस्ट्रीशीटर पर​ राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश में दर्ज हैं गंभीर मामले

Next

दैनिक खबर: आज 08 अगस्त, 2026 के प्रातः 10 बजे के ताज़ा समाचार