हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने, पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 08 अगस्त, भोपाल।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्देश्य के अनुरूप, हथकरघा क्षेत्र को बढ़ावा देने, पारंपरिक कला को संरक्षित करने और स्थानीय महिलाओं एवं बुनकरों को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। अब उज्जैन में सूती और अन्य वस्त्रों का उत्पादन फिर से शुरू होगा। इस केंद्र में महिलाओं को काम का प्रशिक्षण दिया जाएगा। घर पर चरखा चलाने से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और उन्हें प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये की आय प्राप्त होगी। करघे के संचालन से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और साथ ही सूती एवं रेशम उत्पादन की भी योजना बनाई जा रही है। ये बातें उज्जैन के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर 'हथकरघा उत्कृष्टता केंद्र' के उद्घाटन के अवसर पर कही।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के कुटीर एवं ग्राम उद्योग विभाग के अंतर्गत संचालित मृगनयनी ने देश का पहला सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसयू) के स्वामित्व वाला एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) केंद्रित डिजिटल प्लेटफॉर्म बनकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह पहल न केवल मध्य प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को डिजिटल पहचान प्रदान करेगी, बल्कि क्षेत्र के कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के नए द्वार भी खोलेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर रोड स्थित प्रशांति धाम के पास बाबासाहेब नाटू सामुदायिक भवन में कौशल एवं तकनीकी विकास योजना के अंतर्गत 'हथकरघा उत्कृष्टता केंद्र' का उद्घाटन किया। वे इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे। उन्होंने केंद्र में उपस्थित महिलाओं से बातचीत की और हथकरघा उद्योग के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण केंद्र पर डॉ. यादव ने चरखा भी चलाया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण केंद्र की पहली मंजिल पर निरंतर प्रशिक्षण आयोजित किए जाने चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मिल सके। साथ ही, निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए भूतल पर एक शोरूम बनाया जाना चाहिए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत में बने खादी के कपड़े विश्व भर में पहुंचाए गए हैं। पिछले 12 वर्षों में खादी ग्राम उद्योग का मुनाफा 200 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया है। पिछले वर्ष धार में पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी गई थी। यह देश का सबसे बड़ा औद्योगिक पार्क बनेगा। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजैया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज एक ऐसा उपहार दिया है जिससे महिलाएं निश्चित रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी।

इस अवसर पर महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव, विधायक बड़नगर जीतेन्द्र पंड्या, अध्यक्ष उज्जैन विकास प्राधिकरण रवि सौलंकी, पूर्व अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, राजेंद्र भारती, आयुक्त हथकरघा निगम मदन कुमार, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, आयुक्त नगर निगम अभिलाष मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांस कुमट एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कार्यक्रम में एसीएस कुटीर एवं ग्राम उद्योग के.सी. गुप्ता ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा के अनुरूप, खादी ग्राम उद्योग को बढ़ावा देने और हथकरघा प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आज इस केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इसका विस्तार पूरे क्षेत्र में किया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

यह उल्लेख करना आवश्यक है कि हथकरघा उत्कृष्टता केंद्र में महिलाओं को लगभग 6 महीने का बुनियादी हथकरघा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को हथकरघा संचालन, बुनाई और वस्त्र निर्माण तकनीकों में निपुण बनाया जाएगा।

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