मध्य प्रदेश निवेश के लिए देश का नया विकास केंद्र बन गया है।
एन.एस.बाछल, 07 सितम्बर, भोपाल।
मध्य प्रदेश तेजी से ,निवेश इस क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं और हर क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य में , वस्त्र उद्योग , कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( एआई), डेटा क्षेत्र , ड्रोन , रक्षा और विज्ञान शहरों जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य इस क्षेत्र के हर क्षेत्र की स्थानीय क्षमता को पहचानना और उसे उद्योग , निवेश और रोजगार के अवसरों में परिवर्तित करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में उठाए गए कदम मध्य प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किए गए हैं । कई अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर 25 से अधिक नई नीतियां लागू की हैं। इन नीतिगत सुधारों के परिणामस्वरूप क्षेत्र में बड़े उद्योगों की स्थापना में तेजी आई है और निवेशकों के लिए अधिक अनुकूल व्यापारिक वातावरण तैयार हुआ है।
लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में 1.10 करोड़ से अधिक लोग कार्यरत हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य लघु मेंअर्थव्यवस्था कीप्रदेश एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य में 1 करोड़ 10 लाख से अधिक लोग एमएसएमई क्षेत्र में कार्यरत हैं। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने सरकारी सेवाओं में नई भर्तियां भी की हैं। यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर उत्पादन कर रहा है और निर्यात के क्षेत्र में भी राज्य लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। वर्ष 2026-27 में मध्य प्रदेश से 76 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ है । उन्होंने कहा कि सरकार की व्यापार-समर्थक नीतियों का उद्देश्य बड़े निवेश को आकर्षित करना और स्थानीय उद्यमों को विस्तार के अवसर प्रदान करना है। उद्योगों की स्थापना और संचालन को सुगम बनाने के लिए निवेशक-अनुकूल वातावरण और आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा , ड्रोन और रक्षा पर विशेष ध्यान।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, , डेटा आईटी पार्क विकसित किए जा रहे हैं , जो रीवा , इंदौर और उज्जैन में बन रहे हैं । इनसे तकनीकी उद्योगों , स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में विज्ञान नगरी भी विकसित की जा रही है। यह विज्ञान , प्रौद्योगिकी , नवाचार और नई पीढ़ी के कौशल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है ।
पर्याप्त मात्रा में भूमि , बिजली , पानी और हरित ऊर्जा की उपलब्धता।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक बुनियादी संसाधनों के मामले में मध्य प्रदेश की स्थिति बेहद मजबूत है। इस क्षेत्र में पर्याप्त भूमि भंडार , अधिशेष बिजली और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। राज्य हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भी तेजी से प्रगति कर रहा है। इस क्षेत्र में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पंप लोड और अन्य बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि भूमि और संसाधनों के साथ-साथ उद्योगों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा और परिवहन सुविधाएं भी आवश्यक हैं। मध्य प्रदेश ने इस दिशा में अपनी कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया है। यही कारण है कि यह क्षेत्र पूरे देश के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में विश्व की सबसे सस्ती बिजली का उत्पादन हो रहा है। सस्ती बिजली , हरित ऊर्जा , प्रचुर भूमि , जल और बेहतर बुनियादी ढांचे का संयोजन इस क्षेत्र को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी बनाता है। इन सुविधाओं और नीतिगत लाभों के आधार पर मध्य प्रदेश अन्य राज्यों को कड़ी टक्कर दे रहा है।
नीतियां निवेश की शक्ति बन जाती हैं , और इसका लाभ सीधे जनता तक पहुंचता है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने केवल नीतियां बनाने तक ही सीमित नहीं रखी हैं , बल्कि इन नीतियों का लाभ निवेशकों को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है। व्यापार-अनुकूल नीतियों के साथ-साथ निवेशकों के लिए आवश्यक सुविधाएं और अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में व्यापार सुगमता के लिए किए गए सुधारों के प्रभावी कार्यान्वयन से बड़े उद्योगों की तेजी से स्थापना हुई है और निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन से उद्योग जिला स्तर तक पहुंचेगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन के माध्यम से क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहित करने के नए अवसर सृजित हुए हैं। इस पहल की पूरे देश में सराहना हुई है। अब सरकार का ध्यान जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार पर है। क्षेत्र के प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं की पहचान करके, उन्हें उद्योग , निवेश और रोजगार के नए अवसरों में परिवर्तित किया जा रहा है। इससे औद्योगिक विकास बड़े शहरों तक सीमित रहने के बजाय जिलों और स्थानीय क्षेत्रों तक पहुंच सकेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य को रोजगारोन्मुखी बनाने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश के साथ-साथ कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी महत्वपूर्ण है। इसी दृष्टि से क्षेत्र में शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाया जा रहा है। इसी दृष्टिकोण से स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मजबूत किया जा रहा है , ताकि बेहतर सेवाओं के साथ-साथ इस क्षेत्र में रोजगार और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ें।
भोपाल-इंदौर के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानें , चार नए हवाई अड्डों की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश और पर्यटन के लिए बेहतर हवाई संपर्क बहुत जरूरी है। भोपाल और इंदौर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित हो रही हैं। क्षेत्र में चार और नए हवाई अड्डों के विकास की योजना है। ग्वालियर और जबलपुर भी हवाई संपर्क के मामले में तैयार हैं और भविष्य में यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होने की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क , रेल और हवाई संपर्क के कारण मध्य प्रदेश तेजी से देश और दुनिया से जुड़ रहा है। इससे उद्योग , व्यापार , निवेश और पर्यटन को सीधा लाभ मिल रहा है ।
महाकाल लोक के बाद पर्यटन में बड़ा उछाल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश औद्योगिक निवेश के साथ-साथ पर्यटन के क्षेत्र में भी देश का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मध्य प्रदेश में लगभग 14 करोड़ विदेशी पर्यटक आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से होटल ,स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, खानपान, परिवहन,
हर क्षेत्र की क्षमता को निवेश और रोजगार में परिवर्तित करने का लक्ष्य रखें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण से लेकर वस्त्र , ड्रोन, डेटा, आईटी, एआई, , बिजली , पानी , हरित ऊर्जा , भूमि भंडार , बेहतर बुनियादी ढांचा और तेजी से विकसित हो रही हवाई कनेक्टिविटी जैसी खूबियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने नीतिगत सुधारों के माध्यम से एक निवेश पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया है , जिसमें स्थानीय संसाधनों और संभावनाओं को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। मध्य प्रदेश का लक्ष्य स्पष्ट है - क्षेत्र की क्षमता को निवेश में , निवेश को उत्पादन में और उत्पादन को रोजगार में परिवर्तित करना।
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