किसानों की सेवा का त्यौहार है बलराम कृषि महोत्सव: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 06 सितम्बर, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भिंड की धरती 'जय जवान-जय किसान' का सबसे अच्छा और सार्थक उदाहरण है। यह क्षेत्र, जो कभी डाकुओं की समस्या से जूझता था, आज उद्योग, रोजगार और कृषि के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव अन्नदाता किसानों की सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भिंड जिले में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों से कहा कि कृषि क्षेत्र आने वाले समय में क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ और सभी की समृद्धि की सबसे बड़ी गारंटी बनने जा रहा है। उन्होंने किसानों से दूध उत्पादन, खाद्य उत्पादन, मछली पालन, बागवानी आदि में अपनी रुचि के अनुसार नए सिरे से शुरुआत करने की अपील की। हमारी सरकार खेत से लेकर कारखाने तक किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी किसानों को इस बलराम कृषि महोत्सव में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि धरती माता हमारी सबसे बड़ी पूंजी है। अपनी जमीन को हीरे की तरह किसी को न बेचें, बल्कि अपने बच्चों को इस पूंजी में कड़ी मेहनत और समर्पण के रूप में निवेश करना सिखाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भिंड कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन में तेजी से प्रगति कर रहा है। चंबल, सिंध और पाहुज जैसी नदियों के जल से सिंचित भिंड बाजरा, गेहूं और सरसों की पैदावार में समृद्ध है। सरसों उत्पादन में भिंड की अपनी एक अलग पहचान है। 50 प्रतिशत से अधिक सरसों का उत्पादन मोरेना-भिंड क्षेत्र में होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि भिंड जिले के किसान अब प्राकृतिक खेती में भी रुचि दिखा रहे हैं। यहां 3 हजार से अधिक किसान 1250 हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। क्षेत्र में दूध संग्रहण में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लगभग 60 गौशालाओं में गौसेवा भी की जा रही है। अब पंडारी गांव में 5 हजार बेसहारा गायों के लिए आत्मनिर्भर गौशाला बनाने की तैयारी चल रही है। यहां के प्रगतिशील लोगों ने मत्स्य पालन में नई तकनीक अपनाई है। भवथारा गांव में 25 लाख रुपये की लागत से आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक स्थापित की गई है, जिससे 8 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार और किसान मिलकर नया इतिहास रचेंगे। यहां के किसानों ने पशुपालन और मछली पालन में रुचि दिखाकर इतिहास बनाना शुरू कर दिया है। सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंचाई परियोजनाएं भिंड की कृषि को बदल रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ने की परियोजना से भिंड जिले को लाभ मिलने वाला है, जिससे यहां की कृषि का स्वरूप बदल जाएगा। सिमर स्टॉप डैम का काम लगभग पूरा हो चुका है। इससे 210 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि अटेर में कनेरा जल निकासी सिंचाई परियोजना का काम जून 2027 तक पूरा हो जाएगा। इससे 96 गांवों में 15 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई होगी। वर्तमान में, जिले में 1 लाख 62 हजार 381 हेक्टेयर भूमि राजघाट, चंबल और हरसी नहर प्रणालियों से सिंचित हो रही है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर बलराम कृषि महोत्सव पूरे क्षेत्र में धूमधाम से मनाया जा रहा है, जिसमें किसान उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भगवान बलराम की कृपा से किसान कल्याण वर्ष कार्यक्रमों के अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम में अन्य अतिथियों की उपस्थिति में, मंत्री शुक्ला और विधायक भिंड नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने डाबोहामोर के रामसनेही शर्मा को फल नर्सरी, बदेरा के पर्वत सिंह को नर्सरी, तुडीला के जगदीश सिंह कांशाना को प्राकृतिक खेती, मंगरह के रणजीत सिंह को जैविक खेती, बरुआनपुरा के गंगाराम बघेल को जैविक खेती, सोनेलाल के पुरा के अजय सिंह को केंचुआ खाद उत्पादन, उदन्नाखेड़ा के लक्ष्मण सिंह नरवारिया को जैविक खेती, सैपुरा के संदीप सिंह को उन्नत प्रौद्योगिकी द्वारा टमाटर और मिर्च उत्पादन, क्यारीपुरा के कुलदीप सिंह भदौरिया को जैविक खेती प्रदान की। वहीं, स्वदेशी बीज संरक्षण के लिए बारागांव नंबर 1के के गुरुप्रसन्ना राजवत को शॉल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। जिले के मेधावी छात्रों - निराली बघेल, कृतिका दुबे, प्रिंसी, साक्षी शर्मा, छवि परमार, सोनम देवी, साहिल यादव और अभय शर्मा को कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
किसानों की सुविधा के लिए कार्यक्रम स्थल पर किसान पंजीकरण, ई-केवाईसी और पूर्व पहचान पत्र पंजीकरण के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए थे। कार्यक्रम में पशुपालन एवं दुग्ध विभाग, किसान कल्याण विभाग, कृषि अभियांत्रिकी विभाग, बागवानी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, मत्स्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक लिमिटेड भिंड द्वारा प्रदर्शनियां लगाई गईं। इनके माध्यम से विभागीय उपलब्धियों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। स्वयं सहायता समूहों द्वारा उत्पादित उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगाई गई और बिक्री की गई। कार्यक्रम में छात्रों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं।
बलराम कृषि महोत्सव के मुख्य आयोजन स्थल पर जिले के कई प्रगतिशील किसान उपस्थित थे, जिनमें एपेक्स बैंक भोपाल के प्रशासक महेंद्र यादव, जिला अध्यक्ष सरोज बघेल, कपिल यार्डे और देवेंद्र नरवारिया शामिल थे। यह उल्लेखनीय है कि भिंड जिले के कुछ प्रगतिशील किसानों ने प्राकृतिक और जैविक खेती के साथ-साथ ताइवानी अमरूद और हल्दी का उत्पादन भी शुरू किया है। इसके अच्छे परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Madhya Pardesh
Previous
मानसून के सक्रिय रहने तक अत्यधिक सावधानी बरतें - मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
Next