पेयजल आपूर्ति में कोई कमी नहीं होनी चाहिए: मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 03 जून, भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में कोई कमी न हो। भीषण गर्मी और बढ़ती मांग को देखते हुए जल आपूर्ति व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिया कि जहां भी आवश्यक हो, तत्काल व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि जल संकट वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्था लागू करके तत्काल जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी की जमीनी योजनाओं और पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्रीमती उइके ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि विभाग अपने लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। राज्य के प्रत्येक घर तक जल पहुंचाने के उद्देश्य से जल जीवन मिशन का कार्य मार्च 2028 से पहले पूरा किया जाएगा। मिशन का 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उज्जैन राजस्व मंडल सहित राज्य के 11 जिलों में जल जीवन मिशन पूर्णतः कार्यान्वित किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन गांवों/ग्राम पंचायतों ने 100% कार्यक्षमता से नल जल योजनाओं का बेहतर प्रबंधन किया है, उन्हें प्रोत्साहित/सम्मानित किया जाना चाहिए। मंत्री उइके ने कहा कि बोरवेल में गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं/मृत्यु को रोकने के लिए राज्य में बोरवेल अधिनियम लागू किया गया है। मध्य प्रदेश ऐसा अधिनियम लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने विभागीय संरचना और गतिविधियों को और बेहतर बनाने के लिए विभाग के नागरिक विभाग, यांत्रिक विभाग और जल निगम को एकीकृत करने का सुझाव दिया। मंत्री उइके ने कहा कि जल गंगा संरक्षण मिशन-2026 के तहत दिंडोरी और मंडला जिलों में 8 हजार से अधिक एकल ग्राम नल जल योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस कार्य को 'कर्म स्थान से जन्म स्थान की ओर' की अवधारणा से जोड़ा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र में जल आपूर्ति प्रणाली और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्रीय जल विद्युत मंत्रालय से तत्काल समन्वय करें। मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार से जल जीवन मिशन के तहत लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त होना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने मध्य प्रदेश को यह आवंटन जारी करने पर सहमति जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को राज्य में ऐसी व्यवस्था तैयार करने को कहा जिससे सभी जल योजनाएं बिना किसी बाधा के चलती रहें। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को जल रक्षकों और इस नेक कार्य में सहयोग करने वालों के लिए राज्य और जिला स्तरीय सम्मान कार्यक्रम आयोजित करना चाहिए। यह भी बताया गया कि विभाग द्वारा जल महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम क्षेत्र में एकल और सामूहिक नल जल योजनाओं के संचालन और प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल महोत्सव कार्यक्रम को जल गंगा संवर्धन अभियान से जोड़ने और जल संरक्षण में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विभाग द्वारा ग्रामीण, शहरी और विद्यालयों में स्थापित जल स्रोतों का जल परीक्षण किया जा रहा है। इसके अलावा, हैंडपंपों का निरीक्षण और नल जल योजना के संचालकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और जल निकासी व्यवस्था (पीएचई) को जल स्रोतों के लिए केवल ट्यूबवेल जैसे माध्यमों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। जल स्रोत के रूप में तालाबों और झीलों का निर्माण अनेक लाभ प्रदान करेगा। इससे जल संरक्षण के साथ-साथ जलस्तर में वृद्धि होगी। क्षेत्र में जल पुनर्भरण बढ़ेगा। जल भंडारण क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ नल जल योजना के संचालन के लिए स्थायी जल संरचनाएं भी उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कार्य में मध्य प्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिसर (मैपकास्ट) की विशेषज्ञ सेवाओं का भी लाभ उठाया जाना चाहिए।
प्रधान सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंता मनीष सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति की गहन निगरानी की जा रही है। राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। पेयजल आपूर्ति में किसी भी समस्या का तुरंत निवारण किया जा रहा है। पेयजल से संबंधित कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जल निगम की समूह ग्राम पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव की लागत को कम करने के लिए मध्य प्रदेश में सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। लोक स्वास्थ्य अभियंता सौर और पवन ऊर्जा का प्रमुख उपयोगकर्ता है। प्रधान सचिव सिंह ने जानकारी दी कि दिसंबर 2023 से अब तक राज्य में 16.50 लाख से अधिक घरों में नल कनेक्शन लगाए जा चुके हैं, साथ ही 15,238 नए नल/हैंडपंप भी स्थापित किए गए हैं। क्षेत्र के 14,200 गांवों को 100 प्रतिशत जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी होने के बाद हर घर जल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस क्षेत्र के लगभग 75 प्रतिशत घरों में नल का पानी उपलब्ध है।
मध्य प्रदेश के जल निगम के प्रबंध निदेशक वी.एस. कोलसानी ने बताया कि उज्जैन राजस्व विभाग की एकल ग्राम जल योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है। यहां 7 लाख 9 हजार 65 परिवारों को चालू घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। क्षेत्र की 155 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल द्वारा प्रमाणित किया गया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत चलाई जा रही योजनाओं की उपयोगिता का आकलन करने और लाभार्थियों से शिकायतें/सुझाव प्राप्त करने तथा उनका समाधान करने के लिए एक ऑनलाइन जल दर्पण पोर्टल भी तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग में चल रही प्रमुख विकास योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। जल जीवन मिशन 2.0 की तैयारी चल रही है। विभाग में रिक्त पदों पर भी तेजी से भर्ती की जा रही है। विभागीय कार्यों में गुणवत्ता और सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटल माध्यम से जल आपूर्ति की निगरानी, एकल नल जल योजनाओं में आईओटी सेंसर की स्थापना और राज्य एवं जिला स्तर पर कमांड एवं नियंत्रण केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव है। जल उत्सव का आयोजन अक्टूबर 2026 में होगा।
#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Madhya Pardesh
Previous
दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन: सेना में भर्ती के नाम पर ठगने वाला ₹20,000 का इनामी रौशन खान कोलकाता से गिरफ्तार, सरदार बनकर छिपा था आरोपी
Next