हर नवजात को मिले जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत : महिला एवं बाल विकास मंत्री मध्यप्रदेश
एन.एस.बाछल, 02 अगस्त, भोपाल।
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने स्तनपान को शिशु के स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला बताते हुए समाज से इसे प्राथमिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की अपील की है।
मंत्री निर्मला भूरिया ने अपने संदेश में कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार है, जो उसे जन्म के साथ ही एक स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की ओर अग्रसर करता है। नवजात शिशु के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू कराना तथा शुरुआती छह माह तक केवल माँ का दूध देना बेहद आवश्यक है। छह महीने की आयु पूरी होने के पश्चात शिशु को घर का बना पौष्टिक पूरक आहार देने के साथ-साथ कम से कम दो वर्ष की आयु तक स्तनपान निरंतर जारी रखना चाहिए। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और वह गंभीर संक्रमणों से सुरक्षित रहता है।
स्तनपान के दूरगामी प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया केवल शिशु के पोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि माताओं के शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी उतनी ही हितकारी है। यह माँ और बच्चे के बीच स्नेह, संबल और एक अटूट भावनात्मक जुड़ाव को जन्म देती है।
राज्य में कुपोषण उन्मूलन और मातृ-शिशु कल्याण के लिए जारी प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेश भर के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को नियमित परामर्श, शिशु देखभाल और पोषण संबंधी सेवाएँ निरंतर प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने आमजन से इन शासकीय सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
मंत्री निर्मला भूरिया ने विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर समाज के प्रत्येक वर्ग, परिवार और सामुदायिक प्रतिनिधियों से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक माँ को स्तनपान संबंधी सही जानकारी, परिवार का संबल और अनुकूल माहौल प्राप्त होगा, तभी हर बच्चे को जीवन की सर्वोत्तम शुरुआत मिल सकेगी और एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।
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