मध्य प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की एक मजबूत व्यवस्था।

एन.एस.बाछल, 02 जून, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को नई दिशा और गति प्रदान की है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही विशेष योजनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार उनके गरिमामय जीवन , , वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और उनके अधिकारों की रक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। मध्य प्रदेश सरकार इस दिशा में बहुआयामी प्रयास कर रही है।

माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम , 2007 का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किया गया है ताकि वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकार प्राप्त हो सकें। यह अधिनियम वरिष्ठ नागरिकों को यह अधिकार देता है कि यदि वे अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं , तो वे अपने बच्चों या रिश्तेदारों से भरण-पोषण प्राप्त कर सकते हैं।

इस अधिनियम के तहत राज्य के प्रत्येक उप-विभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय को भरण-पोषण न्यायाधिकरण और जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को अपीलीय न्यायाधिकरण घोषित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप वरिष्ठ नागरिकों को शीघ्र और आसानी से न्याय मिल रहा है। इसके अतिरिक्त , सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को भरण-पोषण अधिकारी के रूप में नामित किया गया है , जो प्रभावी ढंग से इस प्रणाली का संचालन करते हैं।

इस अधिनियम के तहत वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा को दंडनीय अपराध बना दिया गया है , जिससे समाज में उनके प्रति जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई है। साथ ही , भरण-पोषण के लिए मासिक राशि तय करने का प्रावधान वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान करता है।

संस्थागत व्यवस्थाएँ: आश्रय और रखरखाव

इस क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रय और रखरखाव की सुदृढ़ व्यवस्था की गई है। विभिन्न संगठनों और स्थानीय निकायों द्वारा संचालित वरिष्ठ आश्रमों में जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को आश्रय स्वास्थ्य सेवाएं और मनोरंजन सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, भोजन,

इस संदर्भ में, भोपाल में विकसित " संध्या छाया " वरिष्ठ नागरिक निवास एक महत्वपूर्ण पहल है। यह आधुनिक और सभी सुविधाओं से युक्त आवासीय परिसर वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित , आरामदायक और गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करता है। यहां वातानुकूलित कमरे , पुस्तकालय , फिजियोथेरेपी , चिकित्सा सुविधाएं और मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह पहल दर्शाती है कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को केवल आवास ही नहीं , बल्कि गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है ।

योजनाएँ और कार्यक्रम: समग्र विकास की दिशा

भारत सरकार की अटल व्यो अभ्युदय योजना के माध्यम से राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए विभिन्न गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य रखरखाव , पोषण , आजीविका , सामाजिक भागीदारी और जागरूकता जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ।

वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अंतर-पीढ़ीगत संवाद , समूह गतिविधियाँ और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इससे न केवल वे सक्रिय रहते हैं , बल्कि समाज में उनके अनुभवों से नई पीढ़ी को भी लाभ मिलता है।

  हेल्पलाइन और सहायता: हर समय सहायता

एल्डर लाइन 14567 जैसी पहल वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए वरिष्ठ नागरिकों को जानकारी , परामर्श, , बल्कि उन्हें यह विश्वास भी दिलाती है कि सरकार हर समय उनके साथ खड़ी है।

  सम्मान और सामाजिक स्वीकृति

राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर "शतायु सम्मान" यह पहल समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और प्रेरणा का माहौल बनाती है।

नवाचार और सुधार

राज्य सरकार कर व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए समय-समय पर नियमों में संशोधन करती रहती है। उदाहरण के लिए , माता-पिता की उपेक्षा के मामले में सरकारी कर्मचारियों के वेतन से भरण-पोषण भत्ता काटकर सीधे उनके खाते में जमा करने का प्रावधान एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम है।

यह व्यवस्था न केवल वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है , बल्कि परिवारों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी बढ़ावा देती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम एक व्यापक , , संस्थागत व्यवस्था , योजनाएं , हेल्पलाइन सेवाएं और सम्मान कार्यक्रम - इन सभी प्रयासों ने मिलकर वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुरक्षित , गरिमामय और आत्मनिर्भर बनाया है।

मध्य प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और कल्याण की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयास न केवल राज्य बल्कि , जो एक संवेदनशील और समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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