केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: रेलवे के 7 हाई-डेंसिटी कॉरिडोर होंगे 4-लेन; ट्रेनों की देरी से मिलेगी राहत
जे कुमार नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026 : देश में रेल यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश के 11,000 किलोमीटर लंबे स्वर्णिम चतुर्भुज (Golden Quadrilateral) और व्यस्ततम मार्गों के 7 प्रमुख कॉरिडोर को 4-लेन (Quadruple Track) में तब्दील किया जा रहा है।
क्यों लेट नहीं होंगी ट्रेनें?
वर्तमान में अधिकांश रूटों पर ट्रैक क्षमता सीमित होने के कारण मालगाड़ियों या अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को निकालने के लिए यात्री ट्रेनों को रोकना पड़ता था। इन 7 प्रोजेक्ट्स के तहत दिल्ली-मुंबई, मुंबई-चेन्नई, चेन्नई-कोलकाता और कोलकाता-मुंबई जैसे व्यस्ततम मार्गों पर अलग से अतिरिक्त पटरियां बिछाई जाएंगी। इससे:
पैसेंजर व फ्रेट कॉरिडोर अलग होंगे: मालगाड़ियों की वजह से पैसेंजर ट्रेनों के फंसने की समस्या खत्म होगी।
ज्यादा ट्रेनों का संचालन: व्यस्ततम रूटों पर नई ट्रेनें और त्योहारों के दौरान स्पेशल ट्रेनें आसानी से चलाई जा सकेंगी।
समय की बचत: अलग लाइन मिलने से ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और सफर के समय में सीधी कटौती होगी।
इसके अतिरिक्त कैबिनेट ने 10,783 करोड़ रुपये की लागत से 5 राज्यों के 14 जिलों में फैले 3 मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी है, जिससे नेटवर्क में लगभग 656 किलोमीटर की नई लाइनें जुड़ेंगी।
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