CBI की बड़ी कार्रवाई: BRO फंड हेरफेर मामले में देश के 11 राज्यों में 26 जगहों पर छापेमारी; लेफ्टिनेंट कर्नल और मेजर समेत 10 अफसरों पर FIR

नई दिल्ली, 07 जुलाई, (अन्‍नू): केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) में सरकारी फंड के गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में देशव्यापी बड़ी कार्रवाई की है। CBI द्वारा जारी एक आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच एजेंसी ने इस घोटाले के सिलसिले में देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित कुल 26 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ सघन छापेमारी (Searches) की है।

यह कार्रवाई सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा तैयार करने वाले संगठन BRO में हुए बड़े फंड हेरफेर से जुड़े 4 आपराधिक मामलों के तहत की गई है।

रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 4 एफआईआर दर्ज

CBI की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह पूरा मामला लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में चल रहे 'प्रोजेक्ट विजयक' (Project Vijayak) और 'प्रोजेक्ट योजक' (Project Yojak) में संविदात्मक / आकस्मिक श्रमिकों (Casual Labourers) की तैनाती में हुई भारी अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि फर्जी और कागजी श्रमिकों के नाम पर अवैध रूप से सरकारी भुगतान जारी किए गए।

BRO के तकनीकी अधिकारियों के बोर्ड (Technical Board of Officers) द्वारा की गई एक आंतरिक जांच के बाद, रक्षा मंत्रालय की ओर से दर्ज कराई गई आपराधिक शिकायतों के आधार पर CBI ने इस मामले में 4 एफआईआर दर्ज की हैं।

लेफ्टिनेंट कर्नल, मेजर और इंजीनियरों के खिलाफ केस

इस महाघोटाले में सेना और विभाग के बड़े अधिकारी रडार पर आ गए हैं। एफआईआर में सरकारी धन का गबन, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश (IPC के तहत) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act), 1988 के तहत आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी के आरोप लगाए गए हैं।

CBI ने इस मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल (Lt. Col.), मेजर (Major) और इंजीनियर रैंक के कुल 10 सैन्य व असैन्य अधिकारियों समेत कई निजी व्यक्तियों को नामजद किया है।

छापेमारी में मिले कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल सबूत

CBI ने देश के जिन 11 राज्यों/यूटी में छापेमारी की है, उनमें जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड शामिल हैं।

इस तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी ने आरोपियों के ठिकानों से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) बरामद किए हैं। CBI का कहना है कि वह इन मामलों की गहन और व्यापक जांच को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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