बैंक खाता फ्रीज करने पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट सख्त: मामूली लेनदेन पर पूरा अकाउंट बंद करना गैरकानूनी

अभिकान्त, 09 मई हरियाणा : पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और राहतकारी फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल मामूली संदिग्ध लेनदेन के आधार पर किसी भी व्यक्ति का पूरा बैंक खाता बंद कर देना पूरी तरह से गैरकानूनी और मनमाना कदम है।

इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जगमोहन बंसल की बेंच ने एचडीएफसी बैंक को आदेश दिया है कि वह याचिकाकर्ता का खाता तुरंत दोबारा सक्रिय करे। कोर्ट ने यह सख्त टिप्पणी त्रिपत जीत सिंह द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिनका खाता महज 5 हजार रुपए की एक संदिग्ध एंट्री के बाद बैंक ने फ्रीज कर दिया था।

अदालत ने अपने फैसले में इस बात पर जोर दिया कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज नहीं है और न ही किसी मजिस्ट्रेट का ऐसा कोई आदेश प्राप्त हुआ है, तो बैंक अपनी मर्जी से किसी का खाता बंद नहीं कर सकता। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया था कि बैंक ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के कार्रवाई की, जबकि उनका किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या आपराधिक मामले से कोई लेना-देना नहीं था।

हाईकोर्ट ने कहा कि 5 हजार रुपए जैसे छोटे लेनदेन के लिए पूरे खाते की पहुंच रोकना न्यायोचित नहीं है और ऐसी कार्रवाई कानून के तय मानकों के खिलाफ है। इस फैसले से उन लाखों खाताधारकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनके खाते अक्सर छोटी तकनीकी या संदिग्ध वजहों से बिना सूचना के बंद कर दिए जाते हैं।

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