05/08/26

पंजाब: सरकारी दफ्तरों में ताले, 1 लाख से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर; आज से 3 दिन कामकाज पूरी तरह ठप

पंजाब , 05 अगस्त (अभिकान्त) : पंजाब में किसी सरकारी काम के लिए दफ्तर जाने की योजना बना रहे लोगों को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि अगले तीन दिनों तक राज्य के सरकारी दफ्तरों में प्रशासनिक कामकाज पूरी तरह ठप रहेगा। पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन (PSMSU) ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आज से तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इस हड़ताल के कारण तहसील से लेकर जिला मुख्यालयों तक सन्नाटा पसर गया है और आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

यूनियन द्वारा तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार यह हड़ताल तीन चरणों में आयोजित की जा रही है। आंदोलन के पहले दो दिन राज्यभर के सरकारी दफ्तरों में 'कलम छोड़' और 'कंप्यूटर शटडाउन' हड़ताल रखी गई है, जिसके तहत कर्मचारी दफ्तरों में उपस्थित तो रहेंगे, लेकिन कोई कार्य नहीं करेंगे। वहीं, हड़ताल के तीसरे दिन सभी कर्मचारी सामूहिक छुट्टी लेकर अपनी मांगों के समर्थन में चंडीगढ़ कूच करेंगे। यूनियन नेतृत्व ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो इस आंदोलन को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया जा सकता है। संगठन ने सख्त हिदायत दी है कि हड़ताल के दौरान काम करते पाए जाने वाले कर्मचारियों का सामाजिक व पेशेवर बहिष्कार किया जाएगा।

इस बड़े आंदोलन का सीधा असर आम जनजीवन और प्रशासनिक सेवाओं पर पड़ रहा है। अधिकारियों का मुख्य लेखा-जोखा और फाइलों का आवागमन क्लेरिकल स्टाफ पर निर्भर होने के कारण सभी सरकारी प्रक्रियाएं रुक गई हैं। तहसील और पटवार दफ्तरों में जमीनों की रजिस्ट्री, एनओसी, इंतकाल और जाति, निवास व आय प्रमाण पत्रों का काम पूरी तरह ठप है। ट्रांसपोर्ट विभाग में हड़ताल के चलते ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों के पंजीकरण और फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का काम बंद पड़ा है।

स्वास्थ्य विभाग और सरकारी अस्पतालों में भी क्लेरिकल स्टाफ के काम न करने से मेडिकल बिलों का भुगतान, दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करना तथा खाद्य सुरक्षा से जुड़े कार्य प्रभावित हुए हैं। हालांकि राज्य के सेवा केंद्र खुले रहेंगे और आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा सत्यापन प्रक्रिया न होने के कारण आवेदनों की पेंडेंसी का भारी अंबार लगना तय है। यूनियन के प्रधान विक्की जुनेजा का कहना है कि सरकार के साथ लंबी बातचीत के बाद भी कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण कर्मचारियों को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा है।

#PunjabNews #PSMSU #PunjabGovtEmployees #StrikeInPunjab #MinisterialStaff #Chandigarh #GovernmentOffice #AdministrativeUpdate #PunjabStateNews #Danikkhabar

Previous

आसाराम को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं: एम्स की मेडिकल रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट का फैसला

Next

फर्जी बैंक गारंटी देने के आरोप में ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है : मध्यप्रदेश