दिल्ली में एक अप्रैल से लागू हो रही नई वाहन स्क्रैपेज नीति
नई दिल्ली, 19 मार्च (अभी): देश की राजधानी में वायु प्रदूषण एक बहुत ही बड़ी समस्या बन गया है। हर साल राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। दिल्ली की सरकारें समय-समय पर इसे कम करने के लिए कई प्रयास करती रहीं हैं लेकिन दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से निजात नहीं दिला पार्इं। अब दिल्ली की भाजपा सरकार प्रदूषण कम करने के लिए लगातार ठोस प्रयास करने के मूढ़ में है। इनमें से सबसे पहला प्रयास दिल्ली की सड़कों से पुराने वाहनों की विदाई तय करना है।
दिल्ली सरकार ने बनाई नई नीति
दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए एक नई स्क्रैपेज पॉलिसी लागू करने का फैसला किया है। इस पॉलिसी के तहत, 10 साल से पुराने डीजल वाहन और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन अब राजधानी की सड़कों पर नहीं चल सकेंगे। इतना ही नहीं, 1 अप्रैल 2024 से ऐसे वाहनों को दिल्ली के पेट्रोल पंपों से ईंधन भी नहीं मिलेगा।
सड़कों से इस तरह हटाए जाएंगे पराने वाहन
जो वाहन इस पॉलिसी के दायरे में आते हैं, उनके मालिकों को अपनी गाड़ी को स्क्रैपिंग सेंटर पर ले जाना होगा। सरकार ने एक आधिकारिक लिस्ट दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जारी कर दी है। जहां से वाहन मालिक किसी भी मान्यता प्राप्त स्क्रैपिंग सेंटर को चुन सकते हैं। वाहन मालिक स्क्रैपिंग सेंटर से संपर्क कर सकते हैं और स्क्रैपिंग प्रक्रिया के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। कुछ स्क्रैपिंग सेंटर आॅनलाइन बुकिंग की सुविधा भी देते हैं, जिससे यह प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
सरकार तय करेगी पुराने वाहनों की कीमत
जब वाहन स्क्रैपिंग सेंटर पहुंचेगा, तो उसका मूल्य उसके वजन और अन्य फैक्टर्स के आधार पर तय किया जाएगा। इसके बाद, वाहन मालिक को एक स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिया जाएगा। यह स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट नए वाहन खरीदते समय छूट दिलाने में मदद करेगा। आमतौर पर, राज्य सरकारें प्राइवेट वाहनों पर रोड टैक्स में 25 प्रतिशत तक की छूट देती हैं, जिससे नया वाहन खरीदना सस्ता हो सकता है।