बाढ़ में फंसी जिंदगी, जेसीबी बनी भगवान
राजस्थान के बूंदी जिले में मानो रविवार को इंसानियत और जज़्बे की परीक्षा थी… और उस परीक्षा में जीत दर्ज की जज्बे और मदद की मिसालों ने। मामला था बूंदी के दुगारी गांव का, जहां चारों तरफ फैली बाढ़ के बीच एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा उठी और अस्पताल पहुंचने के सारे रास्ते बंद हो चुके थे।
महिला का नाम अनिता है और वह तेजाजी चौक इलाके में एक चबूतरे पर अपने दिव्यांग पति रामकिशन कहार के साथ रहती है। खुले आसमान के नीचे, बाढ़ के पानी से घिरे उस चबूतरे पर अनिता दर्द से कराह रही थी, लेकिन गांव वालों ने हार नहीं मानी।
पड़ोस की महिलाओं सीमा और संतोष सबसे पहले मदद को आगे आईं। उन्होंने एक स्थानीय नर्स को मौके पर बुलाया, जिसने हालत गंभीर बताकर तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी। लेकिन बाढ़ ने रास्ते बंद कर दिए थे – अब क्या किया जाए?
गांव वालों ने तत्काल JCB की व्यवस्था की। गर्भवती अनिता को उसी JCB में सुरक्षित बैठाकर उसे करीब चार फीट गहरे बाढ़ के पानी से होते हुए नैनवां रोड तक पहुंचाया गया।
वहां पहले से तैयार खड़ी एंबुलेंस ने अनिता को नैनवां उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया। जैसे ही अस्पताल पहुंची, चिकित्सकों ने संभाला – और चंद मिनट बाद ही अनिता ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। अब मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं