पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट का अहम फैसला: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 73 वर्षीय दोषी को दी सशर्त जमानत, 20 पौधे लगाने का आदेश
चंडीगढ़, 14 मार्च 2026: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में सजा काट रहे 73 वर्षीय दोषी गुरदीप सिंह मनचंदा को राहत देते हुए उनकी सजा निलंबित करने और उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस जमानत के साथ चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने एक बेहद अनूठी और सराहनीय शर्त जोड़ी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता को आगामी मानसून सत्र के दौरान 20 पौधे लगाने होंगे और कम से कम एक वर्ष तक उनकी उचित देखभाल भी करनी होगी। इसके साथ ही, आरोपी को इन पौधों के रोपण और उनकी स्थिति का प्रमाण भी अदालत में प्रस्तुत करना होगा।
यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज उस शिकायत से संबंधित है, जिसमें जुलाई 2024 में एक विशेष अदालत ने मनचंदा को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। दोषी ने अपनी उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अपील लंबित रहने के दौरान सजा को निलंबित करने की अर्जी दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने मानवीय आधार और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राहत तो दी, लेकिन साथ ही सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का पाठ भी पढ़ाया। अदालत का मानना है कि ऐसे सुधारात्मक कदमों से न केवल समाज में सकारात्मक संदेश जाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक व्यक्तिगत योगदान सुनिश्चित होता है।
गौरतलब है कि गुरदीप सिंह मनचंदा का नाम 2013-14 के चर्चित ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा रहा है, जिसमें पूर्व डीएसपी जगदीश भोला मुख्य आरोपी थे। मनचंदा को जुलाई 2024 में 5 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। अब हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद उन्हें जेल से बाहर आने का अवसर मिलेगा, बशर्ते वे अदालत द्वारा लगाई गई 'ग्रीन कंडीशन' का पूरी तरह पालन करें। कानूनी विशेषज्ञों ने हाई कोर्ट के इस फैसले को 'न्याय और प्रकृति' के सुंदर मेल के रूप में सराहा है, जो जेलों में भीड़ कम करने के साथ-साथ दोषियों को समाज के प्रति उनके उत्तरदायित्व का एहसास कराता है।
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