09/07/26

हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य क्रांति: केलोंग में रखी जाएगी ICMR के 'हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन और पब्लिक हेल्थ रिसर्च सेंटर' की आधारशिला

आरएस अनेजा, 9 जुलाई नई दिल्ली - केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा 11 जुलाई 2026 को हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले के केलोंग में ICMR के 'हाई एल्टीट्यूड मेडिसिन और पब्लिक हेल्थ रिसर्च सेंटर' की आधारशिला रखेंगे।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के तहत इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) द्वारा स्थापित किया जा रहा यह केंद्र, केलोंग में ICMR के मौजूदा फील्ड स्टेशन को एक पूर्ण, मल्टी-डिसिप्लिनरी (बहु-विषयक) हब में अपग्रेड करेगा। यह हब भारत के अधिक ऊंचाई वाले और जलवायु-संवेदनशील क्षेत्रों पर केंद्रित अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण का काम करेगा।

हिमालयी इकोसिस्टम सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी खास चुनौतियां पेश करता है — जैसे अधिक ऊंचाई, कठोर जलवायु परिस्थितियां, कठिन भौगोलिक स्थिति और जलवायु में बढ़ता बदलाव — जो बीमारियों के पैटर्न, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और आपातकालीन प्रतिक्रिया को प्रभावित करते हैं। केलोंग केंद्र कई तरह के अनुसंधान क्षेत्रों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार वैज्ञानिक प्रमाण और बड़े पैमाने पर लागू किए जा सकने वाले समाधान तैयार करेगा।

इन क्षेत्रों में शामिल हैं: अधिक ऊंचाई पर शरीर की कार्यप्रणाली (फिजियोलॉजी) और अनुकूलन, पर्वतीय चिकित्सा, जलवायु-संवेदनशील और नई उभरती बीमारियां, संक्रामक और गैर-संक्रामक रोग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और व्यावसायिक स्वास्थ्य, तथा आपदा चिकित्सा। यह केंद्र दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म, टेलीमेडिसिन, ड्रोन-आधारित हेल्थकेयर लॉजिस्टिक्स और रियल-टाइम पब्लिक हेल्थ सर्विलांस (निगरानी) को भी एकीकृत करेगा।

लाहौल और स्पीति में स्थित होने के कारण, यह केंद्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्र में अधिक ऊंचाई पर रहने वाली और आदिवासी आबादी तक साल भर पहुंच बनाए रखेगा, जिससे स्वास्थ्य के पर्यावरणीय कारकों पर लंबे समय तक चलने वाले कोहोर्ट अध्ययन और फील्ड रिसर्च संभव हो सकेंगे। उम्मीद है कि यह केंद्र आदिवासी स्वास्थ्य, आपदा तैयारी और डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का समर्थन करेगा और साथ ही हाई-एल्टीट्यूड मेडिसिन पर वैश्विक अनुसंधान में भी योगदान देगा। यह केंद्र आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज (AFMS), डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO), हिमाचल प्रदेश सरकार और देश-विदेश के शैक्षणिक व अनुसंधान संस्थानों के साथ संस्थागत सहयोग स्थापित करेगा, जिससे ट्रांसलेशनल रिसर्च और नीतिगत समर्थन के लिए एक इकोसिस्टम तैयार होगा।

यह पहल स्वास्थ्य अनुसंधान में सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन और जलवायु-अनुकूल, समावेशी स्वास्थ्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों को आगे बढ़ाती है। 11 जुलाई के कार्यक्रम में पारंपरिक भूमि पूजन और शिलान्यास, 'ग्रीन ICMR कैंपस पहल' के तहत हिमालय के मूल पौधों का रोपण, एक वैज्ञानिक प्रदर्शनी, सेंटर की वेबसाइट और एक परिचय वीडियो की लॉन्चिंग, और एक यादगार डाक विशेष कवर जारी करना शामिल होगा। इस कार्यक्रम में उस क्षेत्र के सांसद और विधायक, रक्षा सचिव, हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, ICMR, सशस्त्र बलों और सहयोगी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, साथ ही वैज्ञानिक, जन-प्रतिनिधि और स्थानीय समुदाय के सदस्य शामिल होंगे।

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