चंडीगढ़ ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर पर हाई कोर्ट की रोक: कहा: प्लान के विपरीत है निर्माण, अंडरपास पर विचार के निर्देश

अभिकान्त, 30 मई चंडीगढ़ : चंडीगढ़ के 'ट्रिब्यून चौक' पर प्रस्तावित फ्लाईओवर परियोजना को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट कर दिया कि दक्षिण मार्ग पर प्रस्तावित इस फ्लाईओवर का निर्माण 'चंडीगढ़ मास्टर प्लान-2031' के अनुरूप नहीं है। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि मास्टर प्लान के नियमों और शहर के मूल ढांचे के विपरीत जाकर इस फ्लाईओवर के निर्माण की अनुमति कतई नहीं दी जा सकती।

अदालत ने ट्रिब्यून चौक पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या को स्वीकार किया, लेकिन इसके समाधान के लिए एक अलग नजरिया पेश किया। खंडपीठ ने कहा कि शहर की खूबसूरती को बिगाड़े बिना ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए 'अंडरपास' (Underpass) एक स्वीकार्य और व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। हाई कोर्ट ने केंद्रशासित प्रदेश (UT) प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे फ्लाईओवर की जिद छोड़कर इस अंडरपास के विकल्प पर गंभीरता से विचार करें।

अदालत ने प्रशासन को विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की हिदायत देते हुए कहा कि किसी भी विकास कार्य के दौरान चंडीगढ़ की विश्वप्रसिद्ध मूल पहचान, अद्वितीय शहरी नियोजन और हरी-भरी वादियों (हरियाली) को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए।

हाई कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब प्रशासन को ट्रिब्यून चौक के ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए अपनी पूरी कार्ययोजना में बदलाव करना होगा।

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