02/04/26

हरियाणा सरकार किसानों की उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने के लिए पूरी तरह से है प्रतिबद्ध

अभिकान्त, 02 अप्रैल हरियाणा : हैफेड ने 1 अप्रैल, 2026 को एक प्रमुख राष्ट्रीय हिंदी दैनिक में प्रकाशित उस समाचार को गलत, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है, जिसमें हैफेड द्वारा जारी खरीद संबंधी निर्देशों में सूरजमुखी के बीज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का गलत उल्लेख किया गया था।

आज यहां यह बताते हुए हैफेड के एक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि खरीद संबंधी निर्देश हैफेड द्वारा दिनांक 19 मार्च 2026 के पत्र के माध्यम से जारी किए गए थे, जिसमें सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का सही उल्लेख किया गया था। हालांकि, एक अनजाने लिपिकीय त्रुटि के कारण सूरजमुखी के बीज का एमएसपी चालू वर्ष के एमएसपी के बजाय गलती से 6540 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज कर दिया गया था। उक्त त्रुटि को बाद में ध्यान में लाया गया और सुधारा गया। संशोधित निर्देश पूर्व निर्देशों के स्थान पर 29 मार्च 2026 को ही जारी कर दिए गए थे, जिसमें चालू वर्ष के सूरजमुखी के बीज का सही एमएसपी यानी 7721 रुपये प्रति क्विंटल शामिल किया गया था। संशोधित निर्देशों की सूचना सभी संबंधित पक्षों को यह बताना महत्वपूर्ण है कि समाचार रिपोर्ट में केवल प्रारंभिक निर्देशों का उल्लेख किया गया है और पहले से जारी किए गए संशोधित निर्देशों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है, जिससे एक अधूरे और भ्रामक तथ्य़ प्रस्तुत किए हैं।

इसके अलावा समाचार में कुरुक्षेत्र स्थित हैफेड के जिला प्रबंधक के हवाले से एक बयान दिया गया है। इस संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी पत्रकार ने संबंधित जिला प्रबंधक से संपर्क नहीं किया है और उनके हवाले से दिया गया बयान गलत और अनधिकृत है। इस तरह की रिपोर्टिंग से न केवल हैफेड की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है, बल्कि किसानों के बीच अनावश्यक भ्रम भी पैदा हो सकता है।

प्रवक्ता ने कहा कि सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भारत सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है  और हरियाणा में राज्य की खरीद एजेंसियों, जिनमें हैफेड भी शामिल है, द्वारा अधिसूचित एमएसपी पर ही खरीद की जाती है। राज्य सरकार किसानों की उपज को एमएसपी पर खरीदने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

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