पंचकुला एमसी बैंक धोखाधड़ी: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 131.13 करोड़ रुपये की संपत्ति की अनंतिम कुर्का; 9 अभियुक्तों के खिलाफ शिकायत दर्ज

पंचकुला/चंडीगढ़, 06 अगस्त (अन्‍नू): नगर निगम पंचकुला के धन के गबन और कोटक महिंद्रा बैंक धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED), चंडीगढ़ आंचलिक इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत 29 जुलाई 2026 को अनंतिम कुर्की आदेश (PAO) जारी कर 131.13 करोड़ रुपये मूल्य की चल व अचल संपत्तियां और बैंक जमा राशि कुर्क कर ली है। इसके साथ ही 30 जुलाई 2026 को विशेष पीएमएलए अदालत में 9 अभियुक्तों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दायर की गई है।

फर्जी खातों और समानांतर अथॉरिटी लेटर्स से गबन

ईडी द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) पंचकुला की एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच में बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ:

  • अनधिकृत बैंक खाते: कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन उप-उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने एमसी पंचकुला के अधिकारी विकास कौशिक और बैंक कर्मचारी राघव के साथ मिलकर नगर निगम पंचकुला के नाम पर दो अनधिकृत बैंक खाते खोले।

  • फर्जी दस्तावेज व ईमेल-मोबाइल हैकिंग: एमसी पंचकुला द्वारा भेजे गए वास्तविक निर्देशों की अनदेखी कर समानांतर अथॉरिटी लेटर्स के जरिए निगम के वास्तविक खातों से करोड़ों रुपये इन फर्जी खातों में ट्रांसफर किए गए। अनधिकृत लेनदेन को पास करने के लिए वास्तविक खातों के मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी भी बदल दिए गए।

  • लापरवाही और मिलीभगत: जांच में पाया गया कि कोटक महिंद्रा बैंक के सतीश कुमार भी एमसी पंचकुला के फंड की धोखाधड़ी में शामिल थे।

मनी लॉन्ड्रिंग और 36% ब्याज दर पर नकदी ऋण

गबन की गई धनराशि को छिपाने के लिए बैंक खातों में कई स्तरों पर लेयरिंग (Layered Transactions) की गई:

  • निजी संपत्तियों व लक्जरी वाहनों की खरीद: पुष्पेंद्र सिंह ने अवैध रकम को अपनी पत्नी प्रीति ठाकुर के खातों, शेल संस्थाओं (एस.के. एग्रोटेक, एस.के. एग्रोफॉर्म) और बिचौलियों (रजत डाहरा, स्वाति तोमर, कपिल कुमार, विनोद कुमार, सोनिया) के जरिए ट्रांसफर किया। इस धन से पोर्श केयेन (Porsche Cayenne), बीएमडब्ल्यू (740Li, X7, Z4), जीप रैंगलर, लैंड क्रूजर और हार्ले डेविडसन जैसी लक्जरी गाड़ियां, घड़ियां और अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

  • 36% सालाना ब्याज दर पर लोन: गबन किए गए धन को पुष्पेंद्र सिंह द्वारा 3% प्रतिमाह (36% प्रतिवर्ष) की अत्यधिक ब्याज दर पर निजी संस्थाओं व व्यक्तियों (मेसर्स सनत रियल्टर्स, मेसर्स सेंट्रल इंफ्राडेवलपर्स, मेसर्स सनत वेंचर्स, मेसर्स सनत एंटरप्राइजेज आदि) को असुरक्षित नकद ऋण (Unsecured Loans) देने में इस्तेमाल किया गया।

राउंड ट्रिपिंग (Round Tripping) से संपत्ति छुपाने की कोशिश

जांच में खुलासा हुआ कि घोटाला सामने आने के बाद आरोपियों ने लक्जरी गाड़ियां तीसरे पक्षों को बेच दीं। इसके अलावा पुष्पेंद्र सिंह ने पंचकुला के सेक्टर-2 स्थित अपनी संपत्तियां अपनी बहन गुनिता सेठी को बेचीं और इसके लिए धन अपनी पत्नी प्रीति ठाकुर की फर्म 'मेसर्स चौधरी एंड सेठी लीगल एडवाइजरी प्रा. लि.' से प्राप्त दिखाया, ताकि राउंड ट्रिपिंग कर वास्तविक मालिकाना हक छुपाया जा सके।

131.13 करोड़ की संपत्ति कुर्क; 100% फंड रिकवरी का दावा

  • 100% गबन रकम की रिकवरी: एमसी पंचकुला का कुल 107.24 करोड़ रुपये शुद्ध फंड गबन हुआ था। ईडी ने 12.85 करोड़ रुपये की बैंक राशि और 118.28 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों सहित कुल 131.13 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली है, जो गबन की गई पूरी 100% राशि को कवर करती है।

  • मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी: मामले के मुख्य मास्टरमाइंड व पूर्व शाखा प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह को ईडी ने 1 जून 2026 को गिरफ्तार किया था, जिसे अदालत ने ईडी हिरासत में भेजा था।

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार मामले की आगे की जांच जारी है।

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