24/08/26

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए डिजिटल निगरानी, एप और पोर्टल से होगा मिलान

हरियाणा , 24 अगस्त (अभिकान्त) : हरियाणा के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने एक सख्त एक्शन प्लान तैयार किया है। अब स्कूलों में मिड-डे-मील के नाम पर किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा, क्योंकि बच्चों की दैनिक हाजिरी की डिजिटल निगरानी की जाएगी। कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति का मिलान स्कूल के रजिस्टर, एमआईएस (MIS) पोर्टल और पीएम पोषण एप के जरिए किया जाएगा।

निदेशालय की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक, प्रत्येक कक्षा के अध्यापक रोजाना विद्यार्थियों की हाजिरी लेंगे और उपस्थित बच्चों की संख्या मिड-डे-मील इंचार्ज को सौंपेंगे। इसके बाद संबंधित अध्यापकों के हस्ताक्षर के साथ इंचार्ज रजिस्टर में कुल योग दर्ज कर विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर करवाएगा। इसी रिकॉर्ड के आधार पर पीएम पोषण एप और एमआईएस पोर्टल पर उपस्थिति अपडेट की जाएगी। यदि स्कूल रजिस्टर, एप और पोर्टल के आंकड़ों में कोई गड़बड़ी या अंतर पाया जाता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर स्कूल मुखिया और संबंधित इंचार्ज की जवाबदेही तय की जाएगी।

व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए विभागीय अधिकारियों को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और जिला शिक्षा कार्यालय के डिप्टी डीईओ (Deputy DEO) प्रतिदिन अपने क्षेत्र के कम से कम पांच-पाँच स्कूलों का चयन कर रैंडम आधार पर मिड-डे-मील हाजिरी रजिस्टर की प्रति मंगवाकर उसकी सूक्ष्म जांच करेंगे। इस प्रति पर विद्यालय मुखिया के हस्ताक्षर होना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, पीएम पोषण एप पर अपलोड होने वाले डिजिटल डेटा के जरिए भी विद्यार्थियों की उपस्थिति और स्कूलों के कामकाज पर लगातार नजर रखी जाएगी।

#HaryanaEducation #MidDayMeal #SchoolInspection #PMPoshanApp #HaryanaGovt #DanikKhabar #Chandigarh #Haryana

Previous

जल और तापीय विद्युत भंडार प्रणालियों का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा: मध्यप्रदेश

Next

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने पेश किया भारत का इनोवेटिव 'ग्रीन फाइनेंस' मॉडल