अंबाला: राष्ट्रभाषा विचार मंच ने ऑनलाइन गोष्ठी आयोजित कर राष्ट्रकवि दिनकर और पं. दीनदयाल उपाध्याय को दी भावांजलि
जे कुमार अंबाला 25 सितंबर 2026 : भाषा और संस्कृति को समर्पित 'राष्ट्रभाषा विचार मंच' (अखिल भारतीय साहित्य परिषद से संबद्ध) द्वारा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' एवं भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष व एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्म जयंती पर एक भव्य ऑनलाइन साहित्यिक विचार गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में देश-विदेश के 25 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकारों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों ने सहभागिता की।
सरस्वती वंदना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत:
मंच की परंपरा के अनुसार, महामंत्री डॉ. जय प्रकाश गुप्त ने सभी अतिथियों का भावभीना स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई, जिसके पश्चात दोनों महान विभूतियों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनका संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया गया।
दिनकर साहित्य भारत के सांस्कृतिक गौरव का सूर्य – डॉ. दिनेश शर्मा:
अलीगढ़ से जुड़े और दिनकर साहित्य पर 10 शोध ग्रंथों के रचयिता डॉ. दिनेश कुमार शर्मा ने राष्ट्रकवि के जीवन और उनकी कालजयी रचनाधर्मिता की सूक्ष्म विवेचना की। उन्होंने दिनकर जी को भारत के सांस्कृतिक व साहित्यिक गौरव का सूर्य बताते हुए कहा, "तेज का तेजाब जो जला दे राष्ट्रद्रोहियों को, कविता का वही आज तेज दिनकर हैं।" करनाल से प्रो. नीना अरोड़ा ने 'रश्मिरथी' का स्मरण करते हुए दिनकर के साहित्य को वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत दिशा-दर्शक बताया।
एकात्म मानव दर्शन भारतीय नीतियों का मूल आधार – डॉ. जय प्रकाश गुप्त:
पंडित दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. जय प्रकाश गुप्त ने कहा कि दीनदयाल जी का मत था कि भारत को 'भारतमाता' के रूप में एक सांस्कृतिक राष्ट्र स्वीकार करना ही राष्ट्र हित की समस्त नीतियों का मूल आधार होना चाहिए।
देश-विदेश के विद्वानों ने दी काव्यांजलि:
गोष्ठी में लखनऊ से सेवानिवृत्त राजभाषा अधिकारी पवन कुमार जैन ने पर्यावरण और सामाजिक विषयों पर हाइकू रचनाएं प्रस्तुत कीं। गुरुग्राम से हिमानी ने दिनकर जी की प्रसिद्ध कविता "कलम आज उनकी जय बोल" का सस्वर पाठ कर समां बांध दिया। डीएवी कॉलेज पिहोवा के पूर्व प्राचार्य डॉ. कामदेव झा तथा ऑस्ट्रेलिया से प्रियंका ने भी दोनों महापुरुषों के विचारों और साहित्य की प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।
#AmbalaNews #RashtrabhashaVicharManch #RamdhariSinghDinkar #DeendayalUpadhyaya #LiteraryNews #AmbalaUpdates #HindiSahitya #NationalNews #HaryanaNews
Previous
अंबाला कैंट: GMN कॉलेज बना जैव विविधता का मॉडल परिसर; सर्वेक्षण में 131 प्रजातियों के 1061 पौधे दर्ज
Next