दिल्ली एम्स की बड़ी पहल: नसों की गंभीर ऑटोइम्यून बीमारियों के लिए न्यूरोसाइंसेज सेंटर ने शुरू की तीन नई रक्त जांचें

नई दिल्ली, 17 मार्च (अभी) : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने चिकित्सा निदान और अनुसंधान के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) के मरीजों को बड़ी राहत दी है। एम्स के प्रतिष्ठित न्यूरोसाइंसेज सेंटर (एनएससी) ने अब तीन नई और अत्यंत महत्वपूर्ण रक्त जांच (ब्लड टेस्ट) की सुविधा आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है। ये अत्याधुनिक जांचें विशेष रूप से नसों से जुड़ी जटिल और दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारियों के सटीक और त्वरित निदान में मील का पत्थर साबित होंगी। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को इन गंभीर बीमारियों की पहचान के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा या महंगी निजी लैब्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एम्स द्वारा शुरू की गई ये तीनों नई जांचें मुख्य रूप से न्यूरोफैसिन एंटीबॉडी (Neurofascin Antibodies) के स्तर का पता लगाने से संबंधित हैं। ऑटोइम्यून बीमारियां वे स्थितियां होती हैं जिनमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) किसी भ्रम के कारण अपने ही स्वस्थ ऊतकों और नसों पर हमला करने लगती है। न्यूरोफैसिन हमारी नसों के सुचारू रूप से काम करने और मस्तिष्क से शरीर तक संदेश पहुंचाने के लिए एक बेहद आवश्यक प्रोटीन है। जब शरीर इस प्रोटीन के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने लगता है, तो नसों को भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे पैरालिसिस, कमजोरी या सुन्नपन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इन नई रक्त जांचों के माध्यम से अब डॉक्टर शरीर में मौजूद इन विशिष्ट एंटीबॉडीज का बिल्कुल सटीक पता लगा सकेंगे।

इन उन्नत जांचों के एम्स में ही उपलब्ध हो जाने से न्यूरोलॉजी के मरीजों के इलाज में एक बड़ी क्रांति आएगी। पहले इन जटिल न्यूरोलॉजिकल स्थितियों की सटीक पहचान करना एक बड़ी चिकित्सीय चुनौती होती थी, जिसके कारण सही इलाज शुरू होने में अक्सर देरी हो जाती थी और बीमारी गंभीर रूप ले लेती थी। अब न्यूरोफैसिन एंटीबॉडी की समय रहते पहचान हो जाने से चिकित्सक बिल्कुल सटीक और लक्षित (टार्गेटेड) चिकित्सा योजना तैयार कर सकेंगे। एम्स के न्यूरोसाइंसेज सेंटर की यह पहल यह दर्शाती है कि संस्थान न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में विश्वस्तरीय डायग्नोस्टिक सुविधाएं और नवीनतम तकनीक देश के आम नागरिकों तक सुलभ कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

#AIIMS #AIIMSDelhi #Neurology #Neurosciences #AutoimmuneDisease #HealthNews #MedicalUpdate #Neurofascin #BloodTest #HealthcareIndia #MedicalResearch #danikkhabar

Previous

CBSE की शिक्षकों को चेतावनी: कॉपी चेकिंग से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने पर होगी कानूनी कार्रवाई

Next

दिल्ली एलजी तरणजीत सिंह संधू की सोशल मीडिया शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई