04/03/25

बिहार बस्ती अम्बाला कैंट में "शिक्षा का हक" कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन

अम्बाला, 04 मार्च (अभी): हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार‘‘ शिक्षा का हक ‘‘  नयी राह नयी पहचान एक कैंपेन की शुरुआत की गयी है। इसी कड़ी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अध्यक्षता में अम्बाला छावनी स्थित बिहार बस्ती शिक्षा का हक ‘‘ नयी राह नयी पहचान विषय पर वर्कशॉप एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें पी एल वी व कानूनी स्वयं सेवक नेहा परवीन ने इदरीश फाउंडेशन की सहायता से इस विषय बारे सभी को जागरूक करने का काम किया गया।  
इस मौके पर कानूनी स्वय सेवक नेहा परवीन ने विद्यार्थियों को नालसा हेल्पलाइन नंबर तथा डीएलएसए की गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (आरटीई) के तहत, 6 से 14 साल के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है। यह अधिनियम, भारत के संविधान के अनुच्छेद 21-ए में शामिल है, इस अधिनियम के तहत, सरकारी स्कूल में नियमानुसार बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का प्रावधान है। इसी प्रकार निजी स्कूलों में कम से कम 25 प्रतिशत बच्चों को बिना किसी शुल्क के दाखिला मिलेगा। शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 में यह प्रावधान किया गया है कि सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा देना अनिवार्य है।
बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की जिम्मेदारी हम सबकी सांझी है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर और सक्षम नागरिक बन सकें। शिक्षा का अधिकार न केवल बच्चों को विद्यालय भेजने का सवाल है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि बच्चों को बिना भेदभाव के, सुरक्षित और समावेशी वातावरण में शिक्षा प्राप्त हो।

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