22 फरवरी से नए प्रारूप में होगा गार्ड ऑफ चेंज समारोह
आरएस अनेजा, 08 फरवरी नई दिल्ली
बैठने की क्षमता में वृद्धि के साथ 22 फरवरी 2025 से गार्ड ऑफ चेंज समारोह नए प्रारूप में आयोजित किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 16 फरवरी, 2025 को उद्घाटन शो की साक्षी बनेंगी।
गार्ड ऑफ चेंज समारोह के नए प्रारूप में, लोग राष्ट्रपति भवन की पृष्ठभूमि में एक गतिशील दृश्य और संगीत प्रदर्शन देख सकते हैं। समारोह में राष्ट्रपति के अंगरक्षक दल के सैनिक और घोड़े तथा सेरेमोनियल गार्ड बटालियन के सैनिक औपचारिक सैन्य अभ्यास का प्रदर्शन करेंगे इसमें सेरेमोनियल मिलिट्री ब्रास बैंड भी शामिल होगा।
गार्ड ऑफ चेंज समारोह एक सैन्य परंपरा है ताकि राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के एक नए समूह को कार्यभार संभालने का मौका मिल सके। राष्ट्रपति अंगरक्षक (PBG) की स्थापना 1773 में हुई थी। यह भारतीय सेना की सबसे वरिष्ठ रेजिमेंट है, जो राष्ट्रपति के लिए औपचारिक कर्तव्यों का निर्वहन करती है। राष्ट्रपति अंगरक्षक के बेहतरीन घुड़सवार, सक्षम टैंकमैन और पैराट्रूपर्स होते हैं।
चेंज ऑफ गार्ड सेरमनी लंबे अरसे ले चली आ रही सैन्य परंपरा है। इसके तहत राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात जवानों को एक निर्धारित समय पर बदला जाता है। ये परंपरा केवल सुरक्षा के लिहाज से नहीं जुड़ा है बल्कि ये अनुशासन, सतर्कता और निरंतरता का प्रतीक भी है। यह कार्यक्रम बड़ा ही रोचक होता है। 30 मिनट के इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति के अंगरक्षक सुसज्जित बेहतरीन घोड़ों पर सवार होकर आर्मी ब्रास बैंड के शानदार संगीत के साथ आगे बढ़ते हैं।
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