'कांग्रेस को बाबा साहेब से नफरत थी', जातिवाद से लेकर सबका साथ सबका विकास तक बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
आरएस अनेजा, 06 फरवरी नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया और कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला किया. पीएम मोदी ने कांग्रेस को लेकर कई बड़े आरोप लगाए, जिनसे पार्टी की राजनीति और उसके नीतियों पर सवाल उठाए।
'सबका साथ, सबका विकास' पर मोदी का जोरदार बयान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा का नारा 'सबका साथ, सबका विकास' न केवल एक विचारधारा है, बल्कि यह उनका कर्तव्य भी है. उन्होंने कहा कि देश ने हमें विकास के लिए अवसर दिया है और हम इसके लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि यह पार्टी इस नारे में विश्वास नहीं करती और सिर्फ एक परिवार के लिए काम करती है।
कांग्रेस के तुष्टिकरण मॉडल पर तंज
पीएम मोदी ने कांग्रेस की राजनीति को तुष्टिकरण से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा अपनी राजनीति को तुष्टिकरण पर केंद्रित करती रही है, जबकि भाजपा का मॉडल संतुष्टि पर आधारित है. 2014 के बाद से देश को एक नया शासन मॉडल मिला है, जो 'राष्ट्र प्रथम' की सोच पर काम करता है।
जातिवाद का जहर फैलाने की कोशिशें और ओबीसी पैनल का संवैधानिक दर्जा
पीएम मोदी ने कहा कि आजकल समाज में जातिवाद का जहर फैलाने की कोशिश की जा रही है, और यही कांग्रेस की पुरानी राजनीति रही है. उन्होंने बताया कि कई सालों से ओबीसी सांसद ओबीसी पैनल को संवैधानिक दर्जा देने की मांग कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा इसे नकारा। भाजपा सरकार ने इस पैनल को संवैधानिक दर्जा दिया, जिससे ओबीसी समुदाय को बड़ा समर्थन मिला।
डॉ. अंबेडकर को लेकर कांग्रेस का दोहरा रवैया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एक वक्त था जब कांग्रेस डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर से नफरत करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने डॉ. अंबेडकर को भारत रत्न देने की साजिश रची थी। अब, कांग्रेस को 'जय भीम' बोलने पर मजबूर होना पड़ा है। यह कांग्रेस के रंग बदलने की पुरानी आदत को दिखाता है।
कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाते हुए पीएम मोदी ने कहा
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की राजनीति को परिवार और तुष्टिकरण से जोड़ते हुए कहा कि यह पार्टी कभी भी 'सबका साथ, सबका विकास' की बात नहीं कर सकती. उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि उनकी नीतियां और उनका सोच पार्टी के असल मुद्दों से मेल नहीं खाता। मोदी ने कांग्रेस के इस बदलते रूप को उनके मुखौटे की तरह बताया और कहा कि पार्टी की असलियत अब लोगों के सामने आ चुकी है। क्या कांग्रेस अब अपने पुराने दावे से पलटने को मजबूर हो रही है? ये देखना दिलचस्प होगा।