निष्पक्ष और पारदर्शी नगरीय निकाय चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षकों को चुनाव प्रक्रिया की निरंतर निगरानी करनी चाहिए: राज्य चुनाव आयुक्त

चंडीगढ़, 13 फरवरी (अभी) - हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त श्री धनपत सिंह ने कहा है कि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न करवाने के लिए सभी पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया की निरंतर निगरानी करें तथा आदर्श आचार संहिता की पूर्णतः पालना सुनिश्चित की जाए।

श्री धनपत सिंह गुरूवार को पंचकूला स्थित निर्वाचन सदन में जनरल एवं पुलिस पर्यवेक्षकों की बैठक लेते हुए बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि सभी पर्यवेक्षक जिला उपायुक्त एवं पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर नगर निगम चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराएंगे। उन्होंने कहा कि सभी पर्यवेक्षक अधिक से अधिक मतदान केंद्रों का दौरा करें, विशेषकर संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों, उनके प्रतिनिधियों एवं राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नकदी या शराब, कपड़े या अन्य कोई सामग्री वितरित करने पर कड़ी निगरानी रखी जाए। चुनाव संपन्न होने तक प्रतिदिन की जाने वाली जब्ती कार्रवाई से राज्य चुनाव आयोग को अवगत कराया जाए।

राज्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि असामाजिक तत्वों, हिस्ट्रीशीटरों, भगोड़ों, घोषित अपराधियों, पैरोल/फरलो पर आए लोगों, पूर्व दोषियों आदि की आवाजाही पर विशेष नजर रखी जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करें कि जिला प्रशासन कानून-व्यवस्था से संबंधित सभी शिकायतों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करे।

उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और आम जनता से मिलने के लिए समय निर्धारित करें तथा उनकी शिकायतों, समस्याओं और सुझावों को सुनने के बाद संबंधित उपायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक और रिटर्निंग अधिकारी को उन्हें क्रियान्वित करने के लिए कहें।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान 17 फरवरी को सायं 3 बजे के बाद कोई भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया जाएगा। 18 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान तथा 19 फरवरी को चुनाव चिन्ह आवंटन के दिन पर्यवेक्षक मौके पर मौजूद रहेंगे।

पर्यवेक्षकों को मतदान कर्मियों और ईवीएम का रैंडमाइजेशन अपनी मौजूदगी में करवाना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि ईवीएम का वितरण सही तरीके से हो। पर्यवेक्षकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदान दल समय पर रवाना हो। साथ ही, उन्हें मतदान केंद्रों का दौरा कर मतदाताओं और आम जनता में विश्वास पैदा करना चाहिए।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने आगे कहा कि मतदान के दिन अर्थात 2 मार्च को यह सुनिश्चित किया जाना है कि उम्मीदवारों या उनके मतदान एजेंटों की उपस्थिति में समय पर मॉक पोल कराया जाए तथा मशीन से मॉक पोल के दौरान डाले गए वोटों को साफ करने के बाद ईवीएम को शून्य से चालू किया जाए।

उन्होंने कहा कि मतदान और मतगणना के दिन अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि सभी रिपोर्ट समय पर आयोग को भेजी जाएं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुलिस पर्यवेक्षक यह सुनिश्चित करें कि मतदान और मतगणना आदि के दौरान पर्याप्त पुलिस व्यवस्था हो।

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