प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टर भी लड़ सकता  हैं नगर परिषद और नगरपालिका का चुनाव – हेमंत

हरियाणा म्युनिसिपल कानून, 1973 में प्रॉपर्टी टैक्स बकाया होना अयोग्यता नहीं 

आरएस अनेजा, 12 फरवरी नई दिल्ली

हरियाणा में कुल 33 नगर निकायों ( 8 नगर निगमों, 4 नगर परिषदों एवं 21 नगरपालिका समितियों ) के  आम चुनाव, जिनमें अम्बाला  जिले की अंबाला सदर ( कैंट) नगर परिषद और बराड़ा नगरपालिका समिति  भी शामिल है एवं अम्बाला और सोनीपत नगर निगमों के मेयर पद उपचुनाव, सोहना नगर परिषद एवं इस्माईलाबाद और असंध नगर पालिका समितियों के अध्यक्ष पद उपचुनाव होने हैं।

हेमंत ने एक रोचक परन्तु महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा म्युनिसिपल कानून, 1973 की उपरोक्त धारा 13 ए में ऐसा उल्लेख नहीं किया गया है कि नगर निकाय अध्यक्ष और वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ने वाले भावी उम्मीदवार के लिए नगर निकाय द्वारा प्रतिवर्ष अपने क्षेत्राधिकार में स्थित मकानों, दुकानों, प्लाटों आदि पर  लगाये जाने वाले प्रॉपर्टी टैक्स (सम्पत्ति कर) का देनदारी/ बकाया नहीं होना चाहिए जैसे कि बिजली बिलों और कोआपरेटिव बैंक आदि के सम्बन्ध में किया गया है. इसका अर्थ यही निकलता है कि अगर किसी व्यक्ति का वर्षो से प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है या दूसरे शब्दों में वह प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टर है, तो वह भी नगर निकाय चुनाव लड़ सकता है. हालांकि यह बात और है कि नगर निकाय चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवार अपनी सम्बंधित नगर निकाय से प्रॉपर्टी टैक्स  एन.डी.सी. ( नो ड्यू सर्टिफिकेट) प्राप्त कर उसे अपने नामांकन पत्रों के साथ संलग्न करते हैं। 

शहर के सेक्टर 7 निवासी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट एडवोकेट और म्युनिसिपल कानून जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार ने बताया कि  हरियाणा म्युनिसिपल कानून, 1973, जो प्रदेश की सभी नगरपालिका परिषदों (म्युनिसिपल कौंसिल) और नगरपालिका समितियों (म्युनिसिपल कमेटी) पर लागू होता है की धारा 13 ए  में उक्त नगर  निकायों के अध्यक्ष और वार्ड  सदस्यों ( जिन्हें आम भाषा में  पार्षद कहा जाता है हालांकि पार्षद शब्द म्युनिसिपल कानून में नहीं है) का चुनाव लड़ने बारे विभिन्न  अयोग्यताओं सम्बन्धी  उल्लेख किए गए हैं जिसके अनुसार 21 वर्ष से कम आयु वाला व्यक्ति निकाय चुनाव नहीं लड़ सकता है। इसके अतिरिक्त  अगर किसी व्यक्ति को  अदालत द्वारा किसी क्रिमिनल (फौज़दारी ) केस में दस वर्ष की जेल की सजा हो चुकी हो  अथवा उसके विरूद्ध ऐसे किसी आपराधिक मामले में चार्जेज फ्रेम (आरोप तय ) किये गए हैं जिसमें उसे दोषी साबित होने पर कम से कम दस वर्ष का कारवास हो सकता है, वह भी निकाय अध्यक्ष या वार्ड सदस्य  का चुनाव नहीं लड़ सकता है।

अध्यक्ष व सदस्य के लिए मेट्रिक पास होना आवश्यक

इसके अतिरिक्त नगर निकाय अध्यक्ष और वार्ड सदस्यों का  निर्वाचन  लड़ने वालों  के लिए न्यूनतम मेट्रिक (दसवीं ) पास होना आवश्यक है। अनुसूचित जाति (एस.सी. ) वर्ग के पुरुष  और हर वर्ग की महिला के लिए हालांकि कम से कम आठवीं पास होना आवश्यक है। वहीं वार्डों से चुनाव लड़ने वाली  अनुसूचित जाति वर्ग की महिला उम्मीदवार के लिए पांचवी पास होना ही पर्याप्त है। पिछड़ी जाति (बीसी ) के पुरुष/महिला के  उम्मीदवार के  लिए कोई रियायत नहीं है एवं उन पर सामान्य वर्ग के प्रत्याशी के तौर पर ही योग्यता का पैमाना लागू होंगे।

हेमंत ने बताया कि इसके अतिरिक्त अगर किसी व्यक्ति कि प्राथमिक कृषि कोपरेटिव ( सहकारी) सोसाइटी, जिला केंद्रीय कोआपरेटिव बैंक या जिला प्राथमिक सहकारी कृषि ग्रामीण विकास बैंक के प्रति किसी प्रकार के भुगतान की  देनदारी है, तो वह भी नगर निकाय अध्यक्ष और वार्ड सदस्य  का चुनाव नहीं लड़ सकता है। बिजली बिलो का भुगतान न करने वाला व्यक्ति भी उक्त चुनाव नहीं लड़ सकेगा, इसके अतिरिक्त अगर भावी उम्मीदवार यह स्वत: घोषणा करने में असफल रहता है कि उसके घर/निवास स्थान पर कार्यशील टॉयलेट (शौचालय ) है, तब भी उसे उक्त चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य होगा।

प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टर है, तो वह भी नगर निकाय चुनाव लड़ सकता है

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