हाईकोर्ट का आदेश: सेवा के दौरान दिव्यांग हुआ कर्मी सेवानिवृत्ति तक वेतन का हकदार, सरकार करे भुगतान

पंजाब, 11 फरवरी (अभी): फिरोजपुर निवासी नरिंदर कौर ने हाईकोर्ट को बताया कि 11 सिंतर 2016 को उसने सरकारी स्कूल में ईटीटी शिक्षक के तौर पर जॉइन किया था। इसके बाद 8 मार्च 2017 को उसका एक्सीडेंट को गया जिसके चलते वह 90 प्रतिशत तक दिव्यांग हो गई।

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम आदेश सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि यदि कोई कर्मचारी सेवा अवधि के दौरान दिव्यांग हो गया है और काम करने में सक्षम नहीं है, तो भी सरकार को उसकी सेवानिवृत्ति तक वेतन व आगे पेंशन का भुगतान करना होगा।

याचिका दाखिल करते हुए फिरोजपुर निवासी नरिंदर कौर ने हाईकोर्ट को बताया कि 11 सिंतर 2016 को उसने सरकारी स्कूल में ईटीटी शिक्षक के तौर पर जॉइन किया था। इसके बाद 8 मार्च 2017 को उसका एक्सीडेंट को गया जिसके चलते वह 90 प्रतिशत तक दिव्यांग हो गई। याची की स्थिति यह है कि वह दस्तखत तक नहीं कर सकती। याची की वित्तीय स्थिति खराब हो चुकी है और ऐसे में सरकार को आदेश दिया जाए कि उसे पूरा वेतन जारी करें।

जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षा विभाग के निदेशक को पत्र लिखकर याची की स्थिति के बारे में बताया और उसके केस को वेतन जारी करने के लिए गौर करने का अनुरोध किया। इसमें बताया गया कि उन्होंने याची के घर जाकर उसकी स्थिति देखी जो बहुत खराब थी। याची अपने हाथों और पैरों का इस्तेमाल करने में भी सक्षम नहीं थी। इस पत्र के बावजूद याची के मामले पर विचार नहीं किया गया। 

हाईकोर्ट ने पाया कि याचिका पर भी याची के दस्तखत नहीं है, केवल अंगूठे का निशान मौजूद है। हाईकोर्ट ने कहा कि कर्मचारी को इस प्रकार सरकार भगवान भरोसे नहीं छोड़ सकती। हाईकोर्ट ने अब पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि याची को जीवन रहते या रिटायरमेंट तक वेतन दिया जाए। साथ ही यदि याची रिटायर होती है, तो उस स्थिति में उसे पेंशन का लाभ दिया जाए। इसी बीच उसके जूनियर जब भी प्रमोट हो तब याची को भी इसका लाभ दिया जाए।

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