मौनी अमावस्या के मौके पर महाकुंभ में संगम तट पर भगदड़, कई श्रद्धालुओं की मौत

आरएस अनेजा, 29 जनवरी नई दिल्ली

बुधवार मौनी अमावस्या के मौके पर संगम तट पर भगदड़ मच गई। हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हो जाने की बात सामने आ रही है। बचाव कार्य के लिए एंबुलेंस की 40 से अधिक गाड़ियां मरीजों को अस्पताल पहुंचा रही हैं।

घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है।

बुधवार मौनी अमावस्या के मौके पर संगम तट पर भगदड़ मच गई। हादसे में कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हालांकि मेला प्राधिकरण की ओएसडी आकांक्षा राणा ने आधिकारिक तौर पर किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की है। बचाव कार्य के लिए एंबुलेंस की दो दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं। मेले में भारी भीड़ उमड़ी है। 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। एंबुलेंस की गाड़ियों को मरीजों को अस्पताल तक लाने में काफी दिक्कत हो रही है। सभी सड़कों पर भीड़ ही नजर आ रही है।

महाकुंभ में भगदड़ : हादसे के बाद अखाड़ों ने अमृत स्नान न करने का किया एलान, रास्ते से वापस लौटे जुलूस

संगम तट पर भगदड़ की घटना के बाद सभी अखाड़ों ने अमृत स्नान करने से मना कर दिया है। सभी अखाड़े रास्ते से ही अपनी छावनी में वापस लौट गए। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी ने कहा हादसे के बाद अखाड़े अमृत स्नान नहीं करेंगे।

मौनी अमावस्या पर भारी भीड़ और भगदड़ की घटना के चलते सभी अखाड़ों ने अमृत स्नान न करने का ऐलान किया है। यह ऐलान अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र गिरी ने निरंजन छावनी से किया। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा जिस तरह से श्रद्धालुओं की भीड़ है और भगदड़ की घटना सामने आई है उससे अखाड़े ने स्नान न करने का फैसला लिया है। अखाड़े के वहां जाने से स्थिति और भी बिगड़ सकती थी।

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के एलान के बाद महानिर्वाणी अखाड़ा अपना जुलूस बीच रास्ते से ही वापस लेकर छावनी लौट आया वहीं जूना अखाड़े ने भी अपना जुलूस छावनी में वापस बुला लिया। हादसे की सूचना मिलने के बाद अंजलि अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशनंद गिरि भी साथ छावनी पहुंचे।

संगम तट पर हादसे के बाद अखाड़ों ने अमृत स्नान न करने का एलान कर दिया है। सभी महामंडलेश्वर और संतों के रथ वापस लौट गए।

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