जन भागीदारी से जनकल्याण डिजिटल प्रदर्शनी में मिल रहा है 'एकता ही समाज का बल है ' का संदेश

आरएस अनेजा, 28 जनवरी नई दिल्ली

"ऐक्यं बलं समाजस्य" जिसका अर्थ है एकता ही समाज का बल है, वाक्य को भारत सरकार की 'एक राष्ट्र एक कर' 'एक देश एक पावर ग्रिड'' एक देश एक राशन कार्ड' जैसी पहलें  साकार कर रही हैं। इन पहलों से देश की एकता को बल मिल रहा है। ये सब जानकारियां सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत  सरकार की ओर से महाकुम्भ प्रयागराज में त्रिवेणी मार्ग पर लगायी गयी डिजिटल प्रदर्शनी में आने वाले श्रद्धालुजनों को मिल रही हैं। एकता का संदेश देने वाले चित्र में राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सरदार पटेल की स्टैच्यु वाली तस्वीर भी प्रदर्शित है। 

जम्मू -कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने से 'एक देश एक संविधान' के संकल्प की सिद्धि हुई है। एक देश एक चुनाव, एक देश,एक सिविल कोड की दिशा में प्रयासों से विकसित भारत के सपने को पूरा करने को गति मिल रही है की जानकारी भी आकर्षक रूप में प्रदर्शित हैं। 

जन भागीदारी से जनकल्याण और भारत सरकार की उपलब्धियों, लोककल्याणकारी कार्यक्रमों, योजनाओं एवं नीतियों पर आधारित प्रदर्शनी में उद्यम एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास का उल्लेख किया गया है। 

'कथामुखम् हितोपदेश उद्यमेन हि सिद्धयंति कार्याणि" जिसका अर्थ है उद्यम से ही कार्य सिद्ध होते हैं इस प्रकार के वाक्य के निहितार्थ को साकार कर रही हैं मुद्रा योजना, पी एम विश्वकर्मा योजना, पीएमईजीपी और क्रेडिट गारंटी फंड योजना जैसी विविध योजनाएं। 13 जनवरी से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में  श्रद्धालु आ रहे हैं और दृश्य-श्रव्य माध्यम से विकास और विरासत पर आधारित दी जा रही जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। साथ ही सेल्फी भी ले रहे  हैं l एलईडी वाल पर  विभिन्न योजनाओं की प्रदर्शित हो रही डाक्यूमेंटरी फ़िल्म श्रद्धालुओं को  आकर्षित कर रही हैं। 

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