मैड्रिड में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व्यापार मेला प्रदर्शनी (एफआईटीयूआर) में भारत की भागीदारी
आरएस अनेजा, 28 जनवरी नई दिल्ली
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने स्पेन और लैटिन अमरीका के स्रोत बाजार में भारत को एक संभावित अग्रणी गंतव्य स्थल के रूप में प्रदर्शित करने के लिए स्पेन के मैड्रिड में आयोजित प्रमुख पर्यटन मेलों में से एक – आईएफईएमए में भाग लिया। पर्यटन क्षेत्र में महत्वपूर्ण आयोजन समझे जाने वाले एफआईटीयूआर में प्रदर्शनी आयोजित की गई। एफआईटीयूआर, पर्यटन पेशेवरों का वैश्विक मिलन स्थल है और इबेरियन-अमरीका में इनबाउंड और आउटबाउंड बाजारों के लिए अग्रणी मेला है। इबेरियन-अमरीका में ऐसे देश या क्षेत्र शामिल हैं जहां स्पेनिश या पुर्तगाली भाषाएं प्रमुखता से बोली जाती हैं।
एफआईटीयूआर में अतुल्य भारत मंडप का उद्घाटन स्पेन में भारत के राजदूत दिनेश के. पटनायक ने को किया। इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि और सह-प्रदर्शक भी उपस्थित थे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में 23 से अधिक सह-प्रदर्शक शामिल हुए, जिनमें कर्नाटक, सिक्किम, छत्तीसगढ़ और झारखंड की राज्य सरकारों ने भाग लिया। उन्होंने एफआईटीयूआर में अतुल्य भारत के बैनर तले अपने अनूठे पर्यटन उत्पाद और क्षेत्र विशिष्टताएं प्रदर्शित कीं। अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी में हितधारकों को संपर्क बनाने और स्पेनिश स्रोत बाजार में संभावित ग्राहकों और भागीदारों से जुड़ने का अवसर मिला।
भारतीय मंडप में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत प्रदर्शित की गई, जिसमें प्रसिद्ध संग्रहालयों, वन्यजीव अभयारण्यों, आध्यात्मिक स्थलों और नृत्य के रूपों को प्रस्तुत किया गया। कुल मिलकर इसमें भारत को अनूठे और प्रामाणिक रूप से जानने की इच्छा रखने वाले यात्रियों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। पैवेलियन में विश्व के सबसे बड़े और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक समागमों में से एक महाकुंभ की भव्यता को दर्शाते हुए प्रयागराज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत कर इसकी पर्यटन क्षमता पर जोर दिया गया। भारत आने वाले पर्यटकों में स्पेन 20 शीर्ष देशों में से एक है। वर्ष 2023 में लगभग 70,000 स्पेनी पर्यटकों ने भारत की यात्रा की थी। यह 2022 में भारत आने वालों स्पेनी पर्यटकों की संख्या का लगभग दोगुना है। वर्ष 2026 को भारत और स्पेन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70वें वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को विशेष रूप से चिह्नित किया जाएगा।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों को अतुल्य भारत के दूत बनने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए 'चलो इंडिया पहल' शुरू की है। प्रवासी भारतीय चलो इंडिया पोर्टल - www.chaloindia.gov.in पर स्वयं को पंजीकृत कर सकते हैं, जिससे उन्हें एक विशिष्ट रेफरल कोड प्राप्त होगा और वे अपने 5 गैर-भारतीय मित्रों को भारत की भव्यता और विविध अनुभवों का आनंद उठाने के लिए भारत की यात्रा पर भेज सकते हैं।
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