1320 मेगावाट के खुर्जा सुपर ताप विद्युत संयंत्र की पहली इकाई के संचालन की ऐतिहासिक उपलब्धि

आरएस अनेजा, 27 जनवरी नई दिल्ली

सार्वजनिक क्षेत्र के लघु रत्न उद्यम टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड ने 1320 मेगावाट वाले खुर्जा सुपर ताप विद्युत संयंत्र (केएसटीपीपी) की पहली इकाई के वाणिज्यिक संचालन की तिथि (सीओडी) की घोषणा के साथ भारत की बिजली उत्पादन क्षमता को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने बताया कि यह गर्व का क्षण है कि केएसटीपीपी की 2x660 मेगावाट (1320 मेगावाट) की पहली इकाई की वाणिज्यिक संचालन तिथि (सीओडी) 25 जनवरी 2025 की मध्यरात्रि में घोषित की गई है।

उन्होंने उल्लेख किया कि परंपरागत रूप से, टीएचडीसीआईएल का मुख्य व्यवसाय क्षेत्र जलविद्युत का दोहन रहा है, ऐसे में यह ऐतिहासिक उपलब्धि कंपनी की क्षमताओं का एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन है। इस इकाई के सफलतापूर्वक चालू होने के साथ ही टीएचडीसीआईएल राष्ट्र के विकास को गति देने तथा इसके सतत ऊर्जा भविष्य में योगदान देने में और भी अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना की आधारशिला भारत के माननीय प्रधानमंत्री ने रखी थी और वर्तमान में ग्रिड के साथ समन्वय, पूर्ण लोड परीक्षण (660 मेगावाट) और पूर्ण लोड पर 72 घंटे के लिए ट्रायल पहले ही पूरा हो चुका है। वाणिज्यिक संचालन की तिथि की घोषणा (सीओडी) इसका एक महत्वपूर्ण पड़ाव है क्योंकि यह आधिकारिक तौर पर उस बिंदु को चिह्नित करता है जब संयंत्र को व्यावसायिक रूप से चालू और ग्रिड को बिजली पैदा करने और आपूर्ति करने में सक्षम माना जाता है। अनिवार्य रूप से, वाणिज्यिक संचालन की तिथि यह दर्शाती है कि संयंत्र सभी आवश्यक परीक्षणों और जांच में खरा उतरा है, प्रदर्शन मानकों को पूरा करता है, और मजबूत और कुशल तरीके से विद्युत प्रणाली में योगदान करने के लिए तैयार है।

विश्नोई ने इस बात पर प्रकाश डाला कि खुर्जा सुपर ताप विद्युत संयंत्र में एकीकृत फ्लू गैस डी-सल्फराइजेशन (एफजीडी) प्रणाली अपनी तरह की अनूठी है और इसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है, जो इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। वाणिज्यिक संचालन की तिथि की घोषणा यह भी सुनिश्चित करती है कि संयंत्र विनियामक आवश्यकताओं और संविदात्मक दायित्वों का अनुपालन करता है। इसकी घोषणा के बाद, संयंत्र बिजली खरीद के उन समझौतों के तहत ग्रिड को बिजली की आपूर्ति शुरू कर सकता है जिनके लिए हस्ताक्षर हुए हैं और ताप विद्युत संयंत्र को ग्रिड में पूरी तरह से एकीकृत किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में बिजली की मजबूती से और निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इस उपलब्धि के साथ खुर्जा सुपर ताप विद्युत संयंत्र (केएसटीपीपी) उत्तर प्रदेश (64.7%), राजस्थान (21.3%), उत्तराखंड (3.9%) और गैर-आवंटित क्षेत्रों (10.1%) को पक्के तौर पर बिजली की आपूर्ति शुरू कर देगा। निदेशक (कार्मिक) श्री शैलिंदर सिंह ने इस उल्लेखनीय सफलता के लिए टीम खुर्जा को बधाई दी और टीम के सामूहिक प्रयासों पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा, "यह उपलब्धि परियोजना में शामिल सभी लोगों की कड़ी मेहनत, समर्पण और मिलकर कार्य करने का प्रतिबिंब है। हमारे कर्मचारियों ने पहली इकाई की समय पर कमीशनिंग सुनिश्चित करने के लिए सभी चुनौतियों पर काबू पाने में अपार प्रतिबद्धता दिखाई है। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है क्योंकि हम भारत की ऊर्जा प्रगति में अभिन्न भूमिका निभाना जारी रखते हैं।"

1320 मेगावाट के खुर्जा सुपर ताप विद्युत संयंत्र (एसटीपीपी) के अलावा, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं जैसे 1000 मेगावाट के टिहरी पंप स्टोरेज प्लांट और 444 मेगावाट के विष्णुगढ़ पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना (वीपीएचईपी) के पूरा होने की देखरेख भी कर रहा है। टीएचडीसीआईएल भारत की सबसे बड़ी विद्युत प्रदाता सेवा एनटीपीसी लिमिटेड की एक होल्डिंग कंपनी है।

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