देशभर से 500 किसानों ने आज भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा में किया भ्रमण

आरएस अनेजा, 27 जनवरी नई दिल्ली

देशभर से गणतंत्र दिवस उत्सव में आमंत्रित किए गए 500 किसानों ने आज भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा, नई दिल्ली में भ्रमण किया। ये किसान भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे किसान उत्पादक समूह, किसान सम्मान निधि व प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनाओं के लाभार्थी थे।

किसानों के दिल्ली आगमन का अधिकतम लाभ मिल सके और कृषक कृषि की आधुनिकतम तकनीकों की जानकारी से लाभान्वित हो सकें, इस उद्देश्य को ध्यान में रखकर इस भ्रमण की योजना बनाई गई। पूसा संस्थान के संपूर्ण अनुसंधान प्रक्षेत्र में ऐसे 16 क्लस्टर चिह्नित किए गए, जैसे संरक्षित खेती – ग्रीनहाउस एवं अलंकृत नर्सरी, सब्जी नर्सरी, टपक सिंचाई के अंतर्गत सब्जी उत्पादन, वर्टीकल खेती एवं हाइड्रोपोनिक्स, मशरूम इकाई, समन्वित खेती (सिंचित) मॉडल , समन्वित खेती (वर्षा आधारित) मॉडल, जल प्रौद्योगिकी केंद्र में जल संसाधन प्रबंधन के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियाँ, अधिक समय तक फसल प्रबंधन हेतु पूसा फार्म सनफ्रीज, सरसों प्रक्षेत्र, गेहूँ पोषण प्रबंधन प्रक्षेत्र, उपसतही सिंचाई एवं फर्टिगेशन प्रक्षेत्र, मसूर और चना प्रक्षेत्र, पुष्प उद्यान, आम एवं किन्नों का बगीचा एवं उद्यमिता विकास में सक्षम पूसा एग्री कृषि हाट शामिल थे।

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारी सभी स्थानों में मौजूद थे। उन्होंने किसानों को संबंधित तकनीकों की जानकारी दी। आगंतुक किसानों में महिलाएँ, बुजुर्ग, युवा, सभी वर्ग के किसान थे। उन्होंने वैज्ञानिकों के साथ बढ़-चढ़कर चर्चा में हिस्सा लिया एवं तकनीक सीखने में रूचि दिखाई। इस अवसर पर संस्था ए.वी.पी.एल. की ओर से श्रीमती अंजुल त्यागी एवं टीम मौजूद थी। इन्होंने ड्रोन द्वारा खेर पर छिड़काव का जीवंत प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की योजना कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय एवं भारतीय कृषि अनुसंधान के संयुक्त निदेशक (प्रसार) डॉ आर.एन. पडारिया ने बनाई। इस समूचे कार्यक्रम का समन्वयन एवं संचालन, सफल संचालन डॉ ए.के. सिंह, प्रभारी, कृषि प्रौद्योगिकी आकलन एवं स्थानांतरण केंद्र (कैटेट) ने किया। कार्यक्रम में पूसा संस्थान के अनेक विशेषज्ञ वैज्ञानिक एवं तकनीकी अधिकारीगण  विभिन्न क्लस्टरों में तकनीकी ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी साझा करने हेतु अनुसंधान प्रक्षेत्र में किसानों के साथ चर्चा के लिए उपलब्ध रहे।

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