गणतंत्र दिवस 2025: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले- देश हमें न्याय, समता और बंधुता के साथ जुड़ने की प्रेरणा देता है

उत्तर प्रदेश, 26 जनवरी (अभी): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को 76वें गणतंत्र दिवस पर बधाई दी। इस मौके पर उन्होंने अपने सरकारी आवास पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने कहा कि आज ही के दिन 1950 में भारत ने अपना संविधान लागू करते हुए एक संप्रभु, संपन्न, लोकतांत्रिक, गणतंत्र भारत के रूप में अपनी नई यात्रा को प्रारंभ करने का निर्णय किया था। एक लंबे संघर्ष के बाद 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हुआ। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभ भाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर, डॉ राजेंद्र प्रसाद जैसे अनेक स्वाधीनता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए पूरी मजबूती से नेतृत्व प्रदान करते हुए ब्रिटिश हुकूमत को भारत को स्वाधीन करने के लिए बाध्य किया।

राष्ट्रपति वीरता पदक : साहस और बलिदान की पहचान
गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के 33 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति का वीरता पदक प्रदान किया गया है। इनमें 17 नागरिक पुलिस कर्मी और 16 फायर सर्विस कर्मी शामिल हैं, जिन्होंने कुख्यात अपराधियों का सामना कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की। इस सम्मानित सूची में आईपीएस निपुण अग्रवाल, अशोक कुमार मीना, दीक्षा शर्मा, डिप्टी एसपी स्वतंत्र कुमार सिंह और अन्य अधिकारी शामिल हैं।

विशिष्ट सेवाओं के लिए मिला राष्ट्रपति पदक
10 कर्मियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पदक दिया गया है। इनमें आईपीएस रमित शर्मा, डिप्टी एसपी युद्धवीर सिंह, ब्रह्मदेव शुक्ला और कारागार विभाग के अधिकारी शामिल हैं। इनके साथ ही 73 पुलिसकर्मियों, 5 फायर सर्विस कर्मियों और 5 होमगार्ड अधिकारियों को सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति का पदक प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री वीरता पदक : अद्वितीय योगदान के लिए सम्मान
मुख्यमंत्री वीरता पदक से 10 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया। इनमें एसटीएफ के निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, महावीर सिंह, जौनपुर के आदेश कुमार त्यागी और अन्य अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने सुरक्षा और शौर्य का अद्वितीय प्रदर्शन किया।

डिस्क सम्मान : प्लेटिनम कमेंडेशन डिस्क
राज्य भर के 25 पुलिसकर्मियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्लेटिनम कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया गया। इनमें आईजी स्थापना नचिकेता झा, गाजियाबाद कमिश्नर अजय कुमार मिश्रा, जेसीपी लखनऊ अमित वर्मा और वाराणसी की अपर पुलिस उपायुक्त ममता रानी जैसी शख्सियतें शामिल हैं।

गोल्ड कमेंडेशन डिस्क
64 कर्मियों को गोल्ड डिस्क प्रदान की गई। इनमें आईपीएस मुथा अशोक जैन, अनुपमा कुलश्रेष्ठ, डॉ. अजय पाल शर्मा और एएसपी रमेश कुमार भारतीय के नाम प्रमुख हैं। इनके साथ ही एसटीएफ और एटीएस के मुख्य आरक्षी भी इस सम्मानित सूची का हिस्सा हैं।

सिल्वर कमेंडेशन डिस्क
279 पुलिसकर्मियों को सिल्वर डिस्क देकर उनके साहसिक कार्यों के लिए सराहा गया। इनके अलावा, 3 कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह और 21 को सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह प्रदान किया गया।

राज्य पुलिस का अभूतपूर्व योगदान : फायर सर्विस के वीर योद्धा
फायर सर्विस के 16 कर्मियों को उनकी बहादुरी के लिए राष्ट्रपति वीरता पदक दिया गया। इनमें मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल, अरुण कुमार सिंह और अन्य कर्मियों ने अपने अद्वितीय साहस से कई जिंदगियां बचाईं।

स्मरणीय योगदान देने वाले होमगार्ड अधिकारी
होमगार्ड और नागरिक सुरक्षा संगठन के कई अधिकारियों को भी सराहनीय सेवा पदक से नवाजा गया। इनमें चैतन्य जैन और राजेंद्र कुमार शर्मा जैसे अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में उत्कृष्ट नेतृत्व का प्रदर्शन किया।

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