प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी युवा संगम पहल के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दे रहे हैं- सहकारिता, जेल, धरोहर एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा
चंडीगढ़,18 जनवरी (अभी) - हरियाणा के सहकारिता, जेल, धरोहर एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय एकता और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए सदैव तत्पर हैं। उनके इसी विजन के तहत युवा संगम पहल विभिन्न राज्यों के युवाओं को जोड़ने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और आपसी मेलजोल को प्रोत्साहित कर रही है।
शुक्रवार शाम को डॉ. अरविंद शर्मा ने अमरकंटक, मध्य प्रदेश में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) के 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का अपने कार्यालय में स्वागत किया। युवा संगम पहल के पांचवें चरण का हिस्सा यह प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह के सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान के लिए हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, पाली (महेंद्रगढ़) का दौरा कर रहा है।
युवाओं को संबोधित करते हुए डॉ. शर्मा ने कहा कि युवा संगम पहल प्रधानमंत्री श्री मोदी के राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने और सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय में छात्रों के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करता है, जहाँ वे स्थानीय संस्कृति, भूगोल और विरासत से खुद को जोड़ते हैं। अपनी यात्रा के दौरान, प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. शर्मा के साथ संस्कृति, विरासत और विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा की।
डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि युवा संगम पहल भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान का एक अभिन्न अंग है। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच आपसी समझ और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। मंत्री ने इस अवसर पर प्रतिभागियों से उनके अनुभवों के बारे में पूछा और उन्हें देश के सांस्कृतिक और विकासात्मक पहलुओं से सक्रिय रूप से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आदान-प्रदान से युवाओं को भारत के समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विविधता और उपलब्धियों के बारे में अपनी समझ को और गहरा करने का मौका मिलता है।
इस अवसर पर हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, पाली (महेंद्रगढ़) के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार, विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद मीना, तथा पर्यटन एवं होटल प्रबंधन के सहायक प्रोफेसर श्री विकास सिवाच सहित संकाय सदस्य, श्री अमित और शोधकर्ता सुश्री प्रेरणा भी उपस्थित थे।