22/04/25

विश्व में आज मनाया जा रहा वर्ल्ड अर्थ डे

आरएस अनेजा, 22 अप्रैल नई दिल्ली

आज विश्व में 55वां पृथ्वी दिवस मनाया जा रहा है। इस साल यह दिन 'आवर पावर, आवर अर्थ' की थीम पर मनाया जा रहा है।

पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए देश-दुनिया में अर्थ डे मनाया जाता है। इस मौके पर लोगों को पर्यावरण को सुरक्षित रख कैसे पृथ्वी का का ध्यान रखे यह समझाया जाता है।

हालांकि यह किसी एक पीढ़ी या कुछ का ही कार्य नहीं बल्कि यह हर पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह आने वाली जनरेशन के लिए स्वस्थ और खुशहाल पृथ्वी को बरकरार रखें। इस दिन को मनाने के पीछे का मुख्य कारण प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देना, पर्यावरण को सुरक्षित और पर्यावरण संरक्षण में आने वाली चुनौतियों से किस प्रकार से लड़ सकते हैं या उसका हल निकाल सकते हैं। साथ ही इसके अलावा लोगों को प्राकृतिक आपदाओं से बचने का तरीका, जनसंख्या वृद्धि को कंट्रोल करना, वनों की कटाई और प्रदूषण बचाव के तरीके बताना, जनसंख्या वृद्धि पर नजर रखना, वनों की कटाई को रोकना, प्रदूषण को कम करने वाली चीजों का चयन करना इत्यादि चीजों के बारे बताया और समझाया जाता है। इस लेख में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, कि इस साल पृथ्वी दिवस किस थीम पर मनाया जा रहा है। साथ ही जानें कि पहली बार कब मनाया गया था यह दिवस।

पृथ्वी दिवस साल 2025 में पृथ्वी दिवस "हमारी शक्ति, हमारा ग्रह" थीम के साथ मनाया जाएगा। यह थीम रिन्यूबल एनर्जी की ओर ग्लोबल बदलाव लाने और पर्यावरण बदलने से मुकाबला करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देती है। इस वर्ष का मुख्य लक्ष्य 2030 तक वैश्विक स्तर पर स्वच्छ बिजली उत्पादन को तीन गुना करना है। इस थीम के अंतर्गत न केवल रिन्यूबल एनर्जी और पर्यावरण के लिए बेस्ट ऑप्शन है, बल्कि यह एक ह्यूमन रिवॉल्यूशन भी ला सकती है, जिससे सभी के लिए कम लागत वाली और लगभग असीमित ऊर्जा का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। रिन्यूबल एनर्जी में इन्वेस्ट करने से वायु प्रदूषण कम होगा, गंभीर बीमारियों का खतरा घटेगा और अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

पृथ्वी को सुरक्षित रखने के लिए यह दिन साल 1970 में पहली बार मनाया गया था। बता दें कि साल 1960 के दशक के अंत में संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया भर में वायु और जल प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा था। इसके कारण केमिकल कंपोस्ट से निपटने, तेल रिसाव और वन्यजीवों को नुकसान होना आम बात थी। इन दिक्कतों को देखते हुए अमेरिकी सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कुछ ठोस कदम उठाएं।इसके बाद सीनेटर नेल्सन ने विश्वविद्यालयों में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से प्रेरणा ली और नेशनल लेवल पर पर्यावरण शिक्षण आयोजित करने के बारे में लोगों के सामने विचार रखा।

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