महिलाएं असंभव को भी संभव कर सकती है- राज्यपाल राजस्थान
एन.एस.बाछल, 30 मार्च, जयपुर।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि महिलाएं असंभव को भी संभव कर सकती हैं। वे अबला नहीं, सबला है। उन्होंने सावित्री बाई फुले, अहिल्या बाई और झांसी की रानी लक्ष्मी बाई के जीवन प्रसंग साझा करते हुए कहा कि यह सब महिला सशक्तीकरण की युग संवाहक थी। उन्होंने कलाओं के संरक्षण में महिलाओं की सहभागिता के साथ उनके कौशल विकास पर जोर दिया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे कला संगम भगिनी फाउंडेशन के अधिवेशन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विकास, कला-संस्कृति संरक्षण और जीवन कौशल के लिए सभी मिलकर कार्य करें।
उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले ने पुणे के भिड़े वाड़ा में अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर लड़कियों के लिए भारत का पहला स्कूल खोला था। अहिल्याबाई होलकर ने महिलाओं के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण समाज के उत्थान, सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए देश में ऐतिहासिक कार्य किए। रानी लक्ष्मीबाई ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अद्भुत वीरता, अदम्य साहस और युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं हर चुनौती से मुकाबला बेहतर ढंग से करती है। उनके लिए समाज में अवसर बढ़ने चाहिए। इससे पहले राज्यपाल ने कला संगम फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तिका का भी विमोचन किया।
#Anil Vij #Haryana #bjp #india #politics #Ambala #Danik Khabar #news #current news #chandigarh #punjab #himachal #Rajasthan