हरियाणा में मौसम का मिजाज बदला: कहीं ओले तो कहीं आंधी, पारा 5 डिग्री तक लुढ़का
हरियाणा/मौसम, 16 मार्च (अन्नू): हरियाणा के मौसम में आए अचानक बदलाव ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह आफत बनकर बरसा है। रविवार को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई जोरदार बारिश और ओलावृष्टि के कारण अधिकतम तापमान में औसतन 3.4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। इस मौसमी उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर हिसार और सिरसा जैसे जिलों में दिखा, जहां पारा 5 डिग्री से भी अधिक नीचे लुढ़क गया। वर्तमान में राज्य के उत्तरी हिस्सों में बादलों का डेरा है और बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है, जबकि शेष जिलों में मौसम फिलहाल शुष्क रहने की उम्मीद है।
कुदरत की इस मार ने खेतों में खड़ी फसलों को काफी क्षति पहुंचाई है। तेज आंधी और बारिश के चलते गेहूं की फसल बिछ गई है, वहीं कटाई के लिए तैयार खड़ी सरसों के दाने ओलों की चोट से झड़ गए हैं। सोनीपत, रोहतक, पानीपत और अम्बाला सहित कई जिलों में ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आंकड़ों के अनुसार, मेवात के मंढोला में सर्वाधिक 4.0 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि करनाल और गुरुग्राम में भी हल्की से मध्यम वर्षा रिकॉर्ड हुई है।
यमुनानगर में मौसम का मिजाज बिगड़ने से एक बड़ा हादसा होते-होते टला। रविवार रात तेज तूफान के दौरान शिव कॉलोनी में एक हाई वोल्टेज बिजली की लाइन टूटकर रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजर रहे तारों पर आ गिरी। स्टेशन मास्टर की तत्परता से समय रहते ट्रेनों को रोक दिया गया, जिससे कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। हालांकि, इस घटना के कारण आसपास के घरों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जल गए और क्षेत्र में रात भर बिजली आपूर्ति ठप रही।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, राहत की उम्मीद अभी कम है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 18 मार्च से एक बार फिर मौसम करवट लेगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी प्रबल संभावना जताई गई है, जो आने वाले दिनों में कृषि और सामान्य जनजीवन को और प्रभावित कर सकती है।
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