हरियाणा में बदलेगा मौसम का मिजाज: 10 जिलों में 'ऑरेंज' और अंबाला-करनाल सहित 12 जिलों में 'येलो' अलर्ट जारी

हरियाणा/मौसम, 4 जून (अन्‍नू): भीषण गर्मी के बीच हरियाणा वासियों के लिए मौसम विभाग ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। प्रदेश में मौसम की करवट बदलने का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिसके चलते आज राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने की आशंका है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 10 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' और अम्बाला-यमुनानगर सहित 12 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया है।

10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: आकाशीय बिजली गिरने की आशंका

मौसम विभाग के अनुसार, आज प्रदेश के जिन 10 जिलों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने की संभावना है, उनमें शामिल हैं:

  • फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम और फरीदाबाद।

इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी तेज आंधी चलने, धूल का गुबार उठने और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (Lightening) गिरने की गंभीर आशंका जताई गई है।

अम्बाला सहित 12 जिलों में येलो अलर्ट; 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

इसके अलावा, मौसम विभाग ने सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल, करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर और पंचकूला के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है।

तापमान का हाल: 42.1°C के साथ रोहतक रहा सबसे गर्म

राहत की इस चेतावनी के बीच पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन 2.6°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते दिन रोहतक प्रदेश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया, जहां पारा 42.1°C तक जा पहुंचा। इसके अलावा सिरसा में अधिकतम तापमान 42.0°C और हिसार में 40.5°C रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, आज होने वाले बदलावों के बाद तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हो सकती है।

मौसम विशेषज्ञों का दावा: 6 जून तक सक्रिय रहेंगे दो पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय हो रहे हैं। इनके आंशिक प्रभाव से 6 जून तक हरियाणा का मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील और अस्थिर बना रहेगा। इस दौरान आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे और हवाओं की दिशाओं में भी लगातार बदलाव देखने को मिलेगा। पहला पश्चिमी विक्षोभ 3 जून को और दूसरा आज 4 जून को पहाड़ी क्षेत्रों की ओर आगे बढ़ेगा।

पंजाब के ऊपर बनेगा साइक्लोनिक सर्कुलेशन; सामान्य से 18% ज्यादा हुई बारिश

इस समय पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) बनने की प्रबल संभावना है। इसके आंशिक प्रभाव से 6 जून तक हरियाणा के अधिकांश क्षेत्रों में बीच-बीच में मध्यम से तेज गति की हवाएं चलेंगी और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश भी हो सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 1 मार्च से 31 मई तक प्रदेश में कुल 52.4 मिमी. बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस अवधि में औसतन बारिश 44.6 मिमी. होती है। यानी इस बार प्री-मानसून सीजन में सामान्य से 18% ज्यादा बारिश हुई है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अब जून से जो भी बारिश दर्ज की जाएगी, उसे सीधे तौर पर मानसून सीजन की बारिश माना जाएगा। प्रदेश में जून से सितंबर तक का समय आधिकारिक तौर पर मानसून का सीजन होता है।

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